देशभर में परीक्षा सुरक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच ओडिशा में मेडिकल पोस्टग्रेजुएट (PG) परीक्षा को लेकर नया विवाद सामने आया है. आरोप है कि जनरल सर्जरी MD/MS (2023-26 बैच) का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के बाद एक WhatsApp ग्रुप में शेयर किया गया. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि परीक्षा के दौरान कुछ WhatsApp नंबरों से प्रश्नों के जवाब भी भेजे गए. इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
शिकायत के बाद बढ़ाई गई परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा
यह मामला ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) से जुड़ा है. शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. साथ ही, बाकी मेडिकल PG परीक्षाओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है. परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
शिकायत के बाद अधिकारियों ने आपातकालीन ऑनलाइन बैठक की. इसमें तय किया गया कि शेष परीक्षाएं कड़ी निगरानी के बीच कराई जाएंगी. एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज, ब्रह्मपुर के चेयरमैन प्रोफेसर डॉ. हरेकृष्ण दलई ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा.
परीक्षा शुरू होने के बाद बाहर पहुंचा प्रश्नपत्र
प्रारंभिक जांच के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को आयोजित परीक्षा के दौरान सुबह करीब 9:58 बजे, यानी परीक्षा शुरू होने और प्रश्नपत्र बांटे जाने के बाद, प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर भेजा गया. ऐसे में फिलहाल इसे परीक्षा शुरू होने से पहले हुआ पेपर लीक मानने के बजाय परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीर या कॉपी को बिना अनुमति बाहर भेजे जाने की घटना के तौर पर देखा जा रहा है.
अधिकारियों को आशंका है कि सुरक्षा जांच के बावजूद किसी ने मोबाइल फोन या अन्य संचार उपकरण परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचाया और उसी से प्रश्नपत्र की तस्वीर लेकर बाहर भेजी. अब जांच का दायरा उस WhatsApp ग्रुप तक बढ़ा दिया गया है, जहां कथित तौर पर प्रश्नपत्र और उसके जवाब साझा किए गए थे.
अधिकारी ग्रुप एडमिन, उसके सदस्यों और इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच कर रहे हैं. साथ ही, WhatsApp चैट, टाइमस्टैम्प और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र कितने लोगों तक पहुंचा और इसका परीक्षा पर कोई असर पड़ा या नहीं.
दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
डॉ. दलई ने कहा कि फिलहाल किसी छात्र संगठन या संगठित गिरोह की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा. हालांकि, यदि कोई छात्र, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विवाद के बाद राज्य के सभी मेडिकल PG परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है. आगामी परीक्षाओं में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा और परीक्षा केंद्रों पर जांच प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बनाया जाएगा.
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