रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार गहराती जा रही है. इसी कड़ी में CID ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए JPSC के कर्मी सोनू कुमार और मामले के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के सहयोगी अरविंद कुमार मंडल को गिरफ्तार कर लिया. दोनों से कई घंटे तक पूछताछ करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों की भूमिका परीक्षा प्रक्रिया में कथित डिजिटल हेरफेर और पूरे नेटवर्क की गतिविधियों से जुड़ी रही है.
जांच में सामने आया है कि JPSC कर्मी सोनू कुमार पर परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता के निर्देश पर OMR शीट समेत अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कराने में सहयोग करने का आरोप है. वहीं अरविंद कुमार मंडल को CID ने कुछ दिन पहले गोड्डा जिले के पोड़याहाट से हिरासत में लिया था, जिसके बाद पूछताछ के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया.
पांच आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने पूछताछ
शनिवार को CID की विशेष जांच टीम (SIT) पहले से गिरफ्तार पांच आरोपियों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से CID मुख्यालय लेकर पहुंची. यहां JPSC की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता वर्मा, TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, TDPL के मार्केटिंग मैनेजर एवं बाद में BSO के रूप में कार्यरत अभय कुमार तिवारी, तथा TDPL के कर्मी मो. उस्मान और मो. एबाद से पूछताछ की गई.
SIT ने पहले सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की. इसके बाद उन्हें आमने-सामने बैठाकर यह जानने का प्रयास किया कि JPSC की किन-किन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी हुई, अनियमितता के लिए किन तरीकों (मोड्स) का इस्तेमाल किया गया और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही.
जांच के दौरान आरोपियों से श्वेता गुप्ता के सामने भी आमने-सामने पूछताछ की गई. CID सूत्रों के अनुसार, मामले के विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ का सिलसिला रविवार को भी जारी रहेगा.
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