लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और युवाओं के भविष्य को लेकर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा है और उनके सामने अवसरों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों द्वारा किए संसद मार्च प्रोटेस्ट और छात्रों की नाराजगी को लेकर बात रख रहे थे.
युवाओं के सभी रास्ते बंद हो चुके
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के लिए लगभग सभी रास्ते बंद हो चुके हैं. केवल प्रतियोगी परीक्षाओं का एक रास्ता बचा था, लेकिन उसे भी बर्बाद कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि छात्र सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की शिकायत नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को अपने ही देश में भविष्य सुरक्षित नहीं दिख रहा है. उनके मुताबिक, रोजगार और कारोबार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि कई युवा अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें आवश्यक अवसर और सहयोग नहीं मिल रहा है.
सरकार की शिक्षा नीतियां उद्योंगपतियों और वैचारिक से प्रभावित
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां कुछ बड़े उद्योगपतियों और वैचारिक हस्तक्षेप से प्रभावित हैं. जिसमें राहुल गांधी ने नाम लेते हुए, अंबानी, अदाणी और आरएसएस सवाल उठाये. कहा आरएसएस के प्रचारक विश्वविद्यालयों में घुस गए हैं. इसलिए भारत का कोई भविष्य नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है.
इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री इस पूरे मामले में क्या कर रहे हैं.
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने-अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की.
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