झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार किसी आईपीएस अधिकारी को सोशल मीडिया में पद से हटाया है. यह मामला जमशेदपुर के पूर्व एसएपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसांवा के एसपी निधि द्धिवेदी से जुड़ा है. दोनों आईपीएस अधिकारी पति-पत्नी है.
जमशेदपुर के डीडी बार प्रकरण में जमशेदपुर के पूर्व एसएसपी पियूष पांडेय की घोर लापरवाही सामने आई है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि हिमांशु सिंह (मृत) को जिस जगह पर पुलिस के समक्ष अपराधियों ने मारा है, उससे ठीक कुछ दूर पर स्थित एक प्रतिष्ठित जगह में पूर्व एसएसपी और उनकी पत्नी डिनर का लुफ्त उठा रहे थे.
हालांकि, इस दौरान कई बार कनीय पदाधिकारी उनसे संपर्क करने का प्रयास किए, लेकिन पूर्व एसएसपी की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. देर रात जमशेदपुर के सिटी एसपी पर भी हमला हुआ, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया. हां, इन सब के बीच देर रात पूरा मामला जब मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचा, तो घोर लापरवाही का नतीजा पद से हटाना पड़ा.
जमशेदपुर के व्यापारियों का कारोबार सरायकेला-खरसांवा में
सूत्रों का कहना है कि जमशेदपुर के ज्यादातर व्यापारियों का कारोबार सरायकेला-खरसांवा में है. जबकि, इन लोगों का आवास जमशेदपुर में. अगर, एक पर कार्रवाई कर दूसरे को रहने दिया जाता तो फिर कारोबार करने में व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता. इन सब समस्याओं को देखते हुए एक साथ दोनों पर मुख्यमंत्री को कार्रवाई के दिशा में कदम उठाना पड़ा.
इधर जमशेदपुर पुलिस ने डीडी बार के मालिक नीरज सिंह और हत्याकांड का मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की रिमांड अवधि आज समाप्त हो गई है. दोनों से पूछताछ में पुलिस को कोई खास जानकारी नहीं मिली है. वहीं, मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर हुई पूछताछ में भी कोई खास सुराग नहीं मिला है.
क्या है मामला
बीते 27 जून को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के पास दो पक्षों के बीच विवाद के बाद विश्वनाथ मंडल और उसके सहयोगियों ने हिमांशु सिंह और प्रत्युष पर चापड़ और अन्य चीजों से हमला किया था. इस दौरान हिमांशु सिंह गंभीर रुप से घायल हो गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टर ने काफी बचाने का प्रयास किया, लेकिन हिमांशु सिंह की मौत हो गई थी. वो करनी सेना से भी जुड़े थे.
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