Ranchi : जमशेदपुर में हुए बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्यपाल को एक मांग पत्र सौंपा है. भाजपा ने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने के आदेश देने की मांग की है.
पुलिस वैन से खींचकर की गई हत्या, मूकदर्शक बनी रही पुलिस
राज्यपाल को भेजे पत्र में भाजपा ने बताया कि बीते 27 जून, 2026 को जमशेदपुर के आदित्यपुर इलाके में अपराधियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं. करणी सेना संगठन से जुड़े हिमांशु सिंह नामक युवक ने अपराधियों से जान बचाने के लिए पुलिस वैन की शरण ली थी. लेकिन अपराधियों ने पुलिस की मौजूदगी में उसे वैन से बाहर घसीटा और सड़क पर पटककर चापड़ (धारदार हथियार) से काटकर उसकी नृशंस हत्या कर दी. इस पूरी घटना के दौरान वहां मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही. इस हमले में प्रत्युष सिंह नामक एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जो फिलहाल कोलकाता में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.
निर्दोष को फंसाने और दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने का आरोप
भाजपा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े करते हुए कहा है कि झारखंड पुलिस का यह स्वभाव बन चुका है कि वह मूल घटना से ध्यान भटकाने के लिए जांच को दूसरी दिशा में मोड़ देती है.
भाजपा के अनुसार,
दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं : घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए था, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ दायित्व में कोताही बरती बल्कि घायल के इलाज में भी लापरवाही की. लेकिन सरकार और पुलिस उन्हें बचाने में जुटी है.
निर्दोष कारोबारी को बनाया बलि का बकरा : बकायदा सरकारी लाइसेंस और नियमों के तहत ‘डीडी बार’ चलाने वाले संचालक नीरज सिंह को इस मामले में बेवजह फंसाया गया है. घटना के दिन नीरज सिंह अपने प्रतिष्ठान में मौजूद भी नहीं थे और न ही हत्या बार के भीतर हुई है. इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, गाड़ियां सीज कीं और उनकी पत्नी व बेटी को प्रताड़ित किया.
जनता में भारी आक्रोश, CBI जांच ही एकमात्र रास्ता
भाजपा ने पत्र में जिक्र किया कि इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में आदित्यपुर और जमशेदपुर में बुलाई गई बंदी ऐतिहासिक रही. सड़कों पर उतरे हजारों लोगों के जनसैलाब से यह साफ है कि जनता का अब स्थानीय पुलिसिया तंत्र और जांच प्रक्रिया से भरोसा उठ चुका है.
भाजपा ने राज्यपाल से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि राज्य की ‘कुंभकर्णी सरकार’ तभी जागती है जब उच्च न्यायालय या राजभवन का चाबुक चलता है. इसलिए मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने के लिए उच्च स्तरीय CBI जांच बेहद जरूरी है.
भाजपा ने अपने इस ज्ञापन के साथ घटना से जुड़े विभिन्न समाचार पत्रों की कतरनें, CCTV फुटेज (पेन ड्राइव में) और जमशेदपुर बंदी के वीडियो साक्ष्य के तौर पर राजभवन को सौंपे हैं. इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा, दिवंगत हिमांशु सिंह के पिताजी अरविन्द सिंह, शंभुनाथ सिंह भी उपस्थित रहे.
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