Ranchi : देवघर का विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारी जोर शोर से चल रही है। लाखों की संख्या में शिव के भक्त जल अर्पण करने देवघर पहुंचते है। कावरियों की सुरक्षा भी राज्य सरकार के लिए महत्पूर्ण बिंदु में एक है। ऐसे में सुरक्षा के दृष्टिकोण से राज्य सरकार ने देवघर में 28 मेला अस्थायी ओपी और 19 अस्थायी यातायात ओपी बनाने की मंजूरी कैबिनेट से पास हुई है। यह अस्थायी ओपी श्रावणी मेला की शुरुआत से लेकर समापन तक रहेगा।
श्रावणी मेले की तैयारी अंतिम चरण में है। 29 जुलाई से शुरू होने वाले इस मेले में बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) में देशभर से लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं के शामिल होंगे। बढ़ती भीड़ और भक्तों के जनसैलाब को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए जा रहे है ताकि भक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रहे।
देवघर में कुल 21 अस्थायी पुलिस ऑब्जर्वेशन पॉइंट (ओपी) और 13 ट्रैफिक ओपी स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं, दुमका जिला में भी 7 अस्थायी ओपी और 6 ट्रैफिक ओपी लगाए जा रहे हैं ताकि प्रमुख मार्गों पर निगरानी सतत बनी रहे और कांवरियों व वाहन चालकों को आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके।
अस्थायी ओपी की कमान संभालेंगे डीएसपी स्तर के पदाधिकारी
आईजी ऑपरेशन नरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी अस्थायी ओपी की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारियों को सौंपी जा रही है। प्रत्येक ओपी पर अनुभवी सब-इंस्पेक्टर तथा स्थानीय थानों से समन्वय करके अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन के लिए स्पेशल कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं, जो 24×7 सक्रिय रहेंगे और वे सभी इमरजेंसी और अन्य सूचनाएं मॉनिटर करेंगे।
देवघर-दुमका में ट्रैफिक पर विशेष फोकस पुलिस की
आईजी अभियान के अनुसार देवघर और दुमका में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी व्यापक योजना बनाई गई है, प्रमुख प्रवेश मार्गों पर ट्रैफिक ओपी बना कर उनमें जवानो को तैनात किया जाएगा। मेले के दौरान भारी वाहनों के लिए शिफ्टेड टाइमिंग और वैकल्पिक रूट भी घोषित किए जा रहे हैं ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने। संवेदनशील और भीड़ वाले स्थानों पर रेट्रिफ्लेक्टर तथा साइनबोर्ड लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा।
एनडीआरएफ की तैनाती भी दो महीने के लिए
देवघर और दुमका में सावन के बाद भादो मेला भी लगता है ऐसे में पुलिस बल के अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रखा जाएगा।एनडीआरएफ के साथ-साथ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला आपदा प्रबंधन इकाइयां और स्वास्थ्य विभाग की आपात चिकित्सा टीम भी तैनात रहेंगी। मेले के प्रमुख स्थानों पर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बनाए बनाए जा रहे है तथा आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं स्टैंडबाय रखी जाएंगी।
संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों को चिन्हित
श्रावणी मेले को लेकर बाबा मंदिर परिसर तथा प्रमुख गेटों को संवेदनशील जोन घोषित किया है। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की कवरेज बढ़ाई जा रही है और राउंड-द-क्लॉक निगरानी के लिए कंट्रोल रूम से लाइव फीड जुड़ी रहेगी। संदिग्ध वस्तु या भीड़ की असामान्य हरकत का तुरंत पता चलने पर त्वरित विशेष कार्य बल भी तैनात रहेंगे।
श्रावणी मेला में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
29 जुलाई से शुरू हो रही है श्रावणी मेला में हर बार की तरह इस बार भी पुलिस मुख्यालय द्वारा सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतेजाम किए गए है। मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार करीब 12 हजार जवान और दर्जनों पुलिस के अफसर मिल कर श्रावणी मेले की सुरक्षा की जिम्मेवारी संभालेंगे। आईजी अभियान ने बताया की देवघर और दुमका एसपी के द्वारा की गई की डिमांड के अनुसार उन्हें फोर्स उपलब्ध कराया जा रहा है। बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर और बासुकीनाथ धाम दुमका में भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की जा रही है। श्रावणी मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो इसके लिए विशेष तौर पर एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) के साथ साथ झारखंड जगुआर एसाल्ट ग्रुपों की तैनाती की जा रही है।
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