Ranchi : जमशेदपुर में हिमांशू सिंह की हत्या को भाजपा मुद्दा बना रही है. 2 जुलाई को मशाल जुलूस व 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है. लेकिन झामुमो ने अब पूरे मामले में भाजपा को घेरान शुरू कर दिया है. दरअसल, जिस बार में विवाद के बाद हत्या हुई वह बार भाजपा नेता नीरज सिंह का है. नीरज सिंह की पत्नी हाल ही में भाजपा के समर्थन से मेयर का चुनाव भी लड़ी थीं. झामुमो के सोशल मीडिया हैंडलर से बीजेपी झारखंड पेज व दूसरे भाजपा नेताओं को भी घेरा जा रहा. गुरुवार को भी झामुमो के हैंडल से भाजपा को घेरा गया. हत्याकांड में अब तक फरार नीरज सिंह की तस्वीरें भाजपा नेताओं के साथ डाल कर झामुमो ने सवाल उठाए हैं.
भाजपा क्यों बचा रही है हिमांशु के हत्यारों को ? pic.twitter.com/rZqx0cArlm
— Jharkhand Mukti Morcha (@JmmJharkhand) July 2, 2026
“कानून व्यवस्था चौपट, कार्रवाई सिर्फ दिखावा”… जमशेदपुर हत्याकांड में हेमंत सरकार पर बाबूलाल का हमला
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि एसपी और एसएसपी को सस्पेंड करना सिर्फ खानापूर्ति है. इससे दोषियों को सजा नहीं मिलेगी. मरांडी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सच में इस मामले को लेकर गंभीर हैं तो हत्या के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए. उनका कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में हत्या होना पुलिस की बड़ी लापरवाही है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के होटल में आरोपी खाना खाकर निकले, उन्हीं पर एफआईआर दर्ज कर दी गई, जबकि उनका घटना से कोई लेना-देना नहीं था. उन्होंने इसे गलत कार्रवाई बताया. मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एएसआई अजय सिंह का पुलिस महकमे में इतना असर है कि डीजीपी तक नतमस्तक हैं. मरांडी का कहना है कि जब तक पुलिस व्यवस्था में इस तरह का दखल और मनमानी चलती रहेगी, तब तक प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती.
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