Jamtara (Rajiv Jha) : जामताड़ा समाहरणालय में सोमवार को उस समय खलबली मच गई, जब एक युवक क्लर्क पद पर योगदान देने के लिए नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचा। दस्तावेजों की जांच के दौरान अधिकारियों को कागजात संदिग्ध लगे। सत्यापन कराने पर नियुक्ति पत्र फर्जी निकला, जिसके बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। मामले में उसके ससुर को भी पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया है।
जानकारी के अनुसार गिरिडीह जिले के देवरी गांव निवासी रजाक अंसारी अपने ससुर अख्तर अंसारी के साथ जामताड़ा समाहरणालय पहुंचा था। उसने दावा किया कि उसे क्लर्क पद पर नियुक्त किया गया है और वह योगदान देने आया है। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने जब उसके नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की, तो कई बिंदुओं पर संदेह उत्पन्न हुआ।
इसके बाद दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराया गया। जांच में पता चला कि नियुक्ति पत्र पर जामताड़ा उपायुक्त के हस्ताक्षर फर्जी हैं। नियुक्ति पत्र पर लगी मुहर भी जाली पाई गई। इसके अलावा युवक द्वारा प्रस्तुत आधार कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में भी कई तरह की गड़बड़ियां सामने आईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आलोक कुमार को इसकी जानकारी दी गई। उपायुक्त के निर्देश पर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम समाहरणालय पहुंची और रजाक अंसारी तथा उसके ससुर अख्तर अंसारी को हिरासत में लेकर जामताड़ा थाना ले गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक द्वारा प्रस्तुत नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह जाली नियुक्ति पत्र किसने तैयार किया और युवक तक कैसे पहुंचा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी से पैसे की ठगी तो नहीं की गई है। पुलिस का मानना है कि इस मामले के तार किसी संगठित जालसाज गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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