Ramgarh : रामगढ़ के पतरातू क्षेत्र में कथित तौर पर चल रहे अवैध रिडक्शन कोयला कारोबार की एक बड़ी कड़ी शुक्रवार तड़के सामने आई, जब रिडक्शन कोयला लदा 22 चक्का हाईवा असंतुलित होकर पलट गया। हादसा सौंदा डी-पतरातू मुख्य मार्ग पर सुबह करीब तीन बजे हुआ। दुर्घटना में चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि बिजली के पोल को नुकसान पहुंचने से इलाके की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार हाईवा (संख्या JH02 BC 2054) घाटो क्षेत्र से रिडक्शन कोयला लेकर पतरातू रेलवे साइडिंग की ओर जा रहा था। इसी दौरान सौंदा डी में अंबेडकर भवन के पास चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित हाईवा सड़क किनारे स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के बिजली पोल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पोल क्षतिग्रस्त हो गया और हाईवा पलट गया।
हादसे के बाद वाहन पर लदा रिडक्शन कोयला सड़क किनारे बिखर गया। स्थानीय लोगों की मदद से चालक टेकलाल महतो को वाहन से बाहर निकाला गया। उसे हल्की चोटें आई हैं और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
हादसे के बाद उठे कई सवाल
घटना के बाद इलाके में रिडक्शन कोयले के परिवहन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि पतरातू रेलवे साइडिंग के आसपास लंबे समय से रिडक्शन कोयले की खरीद-बिक्री और उपयोग का अवैध खेल चल रहा है। आरोप है कि कम कीमत पर खरीदे गए रिडक्शन कोयले को अन्य कोयले में मिलाकर बाहर की फैक्ट्रियों तक भेजा जाता है, जिससे कुछ लोगों को भारी मुनाफा होता है।
आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है कारोबार?
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटो से पतरातू तक रिडक्शन कोयला ले जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यह कारोबार कब से और किसके संरक्षण में चल रहा है। हादसे के बाद अब प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
जांच की मांग तेज
दुर्घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि रिडक्शन कोयले का अवैध परिवहन हो रहा है तो इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं बिजली विभाग की टीम क्षतिग्रस्त पोल को बदलकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई है।
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