Ranchi : रांची सिकिदिरी थाना क्षेत्र के हुंडरू फॉल मुख्य मार्ग पर स्थित सोनी ज्वेलर्स में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गैस कटर से दुकान का ताला काटकर चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों में चंदवे पिठोरिया निवासी 22 वर्षीय अरमान अंसारी, ईरबा निवासी 19 वर्षीय फरहान अंसारी, 22 वर्षीय एजाज शाह और 20 वर्षीय हसनैन अंसारी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी गए चांदी के आभूषण, घटना में इस्तेमाल कार, बाइक, गैस कटर मशीन, सिलेंडर और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी की थी और पूरी योजना बनाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया था। चोरी के बाद कुछ सामान बेचकर मिले पैसों को उन्होंने बकरीद की तैयारियों और अन्य खर्चों में उड़ा दिया।
27 मई को दर्ज हुआ था मामला
ढेलवाखुटा निवासी शशिकांत प्रसाद ने 27 मई को सिकिदिरी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि सिकिदिरी बस स्टैंड के समीप हुंडरू फॉल मुख्य सड़क पर स्थित उनकी दुकान सोनी ज्वेलर्स का ताला काटकर चांदी के आभूषण चोरी कर लिए गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व सिल्ली के डीएसपी मनीष चंद्र लाल कर रहे थे।
पहले रेकी, फिर रात में पहुंचा गिरोह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले उन्होंने दुकान और आसपास के इलाके की निगरानी की थी। यह देखने की कोशिश की गई थी कि रात में पुलिस की गतिविधियां कैसी रहती हैं और दुकान तक पहुंचने का सबसे सुरक्षित रास्ता कौन सा होगा। 26 मई की रात पांचों आरोपी एक कार और एक मोटरसाइकिल से सिकिदिरी पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद सभी ने अपनी जिम्मेदारियां बांट लीं। एक आरोपी को थाना के आसपास नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई ताकि पुलिस की गतिविधियों की सूचना मिल सके। दो अन्य आरोपी दुकान के दोनों ओर निगरानी करते रहे। जबकि बाकी दो आरोपी गैस कटर मशीन लेकर दुकान के सामने पहुंचे और ताला काटकर अंदर घुस गए। कुछ ही मिनटों में दुकान से आभूषण और अन्य कीमती सामान समेट लिया गया। इसके बाद सभी आरोपी हुंडरू और अनगड़ा होते हुए ओरमांझी के ईरबा इलाके की ओर फरार हो गए।
सोना समझकर ले गए, बाद में फेंक दिया
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी के दौरान वे कुछ ऐसे आभूषण भी उठा ले गए थे जो देखने में सोने जैसे लग रहे थे। बाद में जांच करने पर उन्हें पता चला कि वे असली सोने के नहीं हैं। इसके बाद उन सामानों को फेंक दिया गया। वहीं चांदी के सिक्के और अन्य आभूषण आपस में बांट लिए गए। कुछ सामान बेचकर जो पैसे मिले, उन्हें पांचों ने आपस में बांट लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने स्वीकार किया है कि चोरी से मिले पैसों का एक हिस्सा बकरीद की तैयारियों और निजी खर्चों में खर्च कर दिया गया।
तकनीकी जांच ने खोला राज
पुलिस के अनुसार मामले के खुलासे में तकनीकी अनुसंधान की बड़ी भूमिका रही। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ये सामान हुए बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए कई सामान बरामद किए हैं। इनमें 37 बिछिया, दो ताबीज, तीन पान पत्ता, चार छिपकली आकृति के आभूषण, एक कछुआ, एक सांप और छह लक्ष्मी-गणेश के सिक्के शामिल हैं। सभी सामान चांदी जैसी धातु के बताए गए हैं। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक ऑल्टो कार, तीन मोबाइल फोन, गैस सिलेंडर और गैस कटर मशीन भी जब्त की गई है।
एक आरोपी की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल पांचवां आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस पूरे मामले के खुलासे में डीएसपी सिल्ली मनीष चंद्र लाल, ओरमांझी थाना प्रभारी मनोज कुमार, सिकिदिरी थाना प्रभारी बमशंकर यादव समेत तकनीकी शाखा और सिकिदिरी थाना की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही दिनों में ज्वेलर्स दुकान चोरी कांड की गुत्थी सुलझ गई।
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