Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»कॉलेजों के क्लस्टर सिस्टम में सुधार की कवायद तेज, कैबिनेट में जल्द पहुंचेगा प्रस्ताव
    झारखंड

    कॉलेजों के क्लस्टर सिस्टम में सुधार की कवायद तेज, कैबिनेट में जल्द पहुंचेगा प्रस्ताव

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyMay 28, 2026Updated:May 28, 2026No Comments4 Mins Read4
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : झारखंड के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लागू होने जा रहे ‘क्लस्टर कॉलेज कॉन्सेप्ट’ को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग इस सिस्टम में जरूरी बदलाव करेगा और नया प्रस्ताव तैयार करेगा। माना जा रहा है कि संशोधित प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल सकती है। दरअसल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने सत्र 2026 से राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में क्लस्टर कॉलेज कॉन्सेप्ट लागू करने की तैयारी पूरी कर ली थी। विभाग ने इसका प्रस्ताव भी तैयार कर लिया था और इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी चल रही थी। लेकिन इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस नयी व्यवस्था की व्यवहारिकता पर सवाल उठाते हुए विभाग को पूरे प्रस्ताव की समीक्षा करने का निर्देश दे दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे छात्रों को परेशानी न हो और हर क्षेत्र की जरूरतों का ध्यान रखा जा सके।

    सिंगल और डबल कॉलेज वाले क्षेत्रों में नहीं लागू होगा सिस्टम

    सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब उन प्रखंडों और क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है, जहां केवल एक या दो कॉलेज ही मौजूद हैं। ऐसे इलाकों में क्लस्टर प्रणाली लागू नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अगर किसी एक कॉलेज को सिर्फ साइंस या किसी दूसरे विषय के लिए तय कर दिया जाएगा, तो बाकी विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्रों को काफी दिक्कत होगी। खासकर ग्रामीण इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों में छात्रों के सामने पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ सकती है।

    क्या हैक्लस्टर कॉलेज कॉन्सेप्ट

    नई व्यवस्था के तहत राज्य के कॉलेजों को विषय और संकाय के आधार पर अलग-अलग क्लस्टर में बांटने की योजना थी। मतलब यह कि हर कॉलेज में सभी विषयों की पढ़ाई नहीं होगी। किसी कॉलेज को केवल साइंस, किसी को आर्ट्स तो किसी को कॉमर्स और बिजनेस स्टडीज के लिए चिन्हित किया जाना था। सरकार का तर्क था कि इससे शिक्षकों और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।उदाहरण के तौर पर रांची के डोरंडा कॉलेज में विज्ञान और शिक्षा से जुड़े विषयों को केंद्रित करने और मारवाड़ी कॉलेज में बिजनेस स्टडीज को प्राथमिकता देने की योजना पर विचार किया जा रहा था।

    सरकार का तर्क : संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल

    उच्च शिक्षा विभाग का कहना था कि राज्य के कई कॉलेजों में शिक्षकों और लैब की भारी कमी है। एक ही जगह पर संबंधित विषयों के शिक्षक और संसाधन उपलब्ध कराने से छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा। विभाग का मानना था कि इससे फैकल्टी की कमी दूर होगी और कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग भी बेहतर तरीके से हो सकेगा।

    छात्र संगठनों का विरोध तेज

    हालांकि इस नीति के खिलाफ राज्यभर में छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया था। ABVP और AJSU समेत कई संगठनों ने अलग-अलग जिलों और कॉलेज कैंपसों में प्रदर्शन, तालाबंदी और विरोध मार्च किए। छात्रों का कहना था कि इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं और ग्रामीण इलाकों के गरीब छात्रों को होगी। अगर महिला कॉलेजों में कुछ विषय बंद हो गए, तो छात्राओं को दूसरे कॉलेजों में जाना पड़ेगा, जिससे सुरक्षा और यात्रा दोनों बड़ी समस्या बन जाएंगी।

    क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं पर भी खतरे की आशंका

    शिक्षकों और प्रचार्यों ने भी इस नीति पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि अगर छात्र संख्या कम हुई तो क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई बंद होने का खतरा पैदा हो जाएगा। इसके अलावा गरीब और ग्रामीण छात्रों को अलग-अलग विषयों की पढ़ाई के लिए एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज जाना पड़ेगा, जिससे समय और ट्रांसपोर्ट खर्च दोनों बढ़ेंगे। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार संशोधित प्रस्ताव में क्या बदलाव करती है और अगली कैबिनेट बैठक में इसे किस रूप में मंजूरी मिलती है।

    Also Read : जब सड़क पर उतरे एसपी और मस्जिद पहुंचे डीसी… खूंटी में बकरीद बनी भाईचारे और भरोसे की मिसाल

    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleजब सड़क पर उतरे एसपी और मस्जिद पहुंचे डीसी… खूंटी में बकरीद बनी भाईचारे और भरोसे की मिसाल
    Next Article कोडरमा के कॉलेजों का VBU से टूटा रिश्ता, गिरिडीह यूनिवर्सिटी से जोड़ने पर छात्रों का विरोध

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    बाबूलाल जी झारखंड के नेता हैं या खनन कम्पनियों के प्रवक्ता, झारखंड के हित की बात कीजिए : विनोद कुमार पांडेय

    August 28, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: सिमडेगा में किशोरों को राखी बांध उपायुक्त ने कराया अपनों का अहसास, सिलाई प्रशिक्षण के निर्देश

    August 28, 2026
    क्राइम

    Breaking : सीजीएल पेपर लीक मामले में 4 और गिरफ्तार, सोमांश व राहुल पांच दिनों की रिमांड पर

    August 28, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    3 दिन बाद खत्म होगा अल्टीमेटम, जयराम महतो की गिरफ्तारी होगी या सिर्फ दिखावा?

    August 28, 2026
    JPSC / JSSC

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव : जेपीएससी के सदस्य डॉ. जमाल अहमद रहते थे श्वेता गुप्ता से नाराज, इसलिए नहीं किया था रिजल्ट पर हस्ताक्षर

    August 28, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: हजारीबाग की BGR माइंस में मजदूरों के वेतन कटौती का आरोप, INTUC ने दी आंदोलन की चेतावनी

    August 28, 2026
    Latest Posts

    बाबूलाल जी झारखंड के नेता हैं या खनन कम्पनियों के प्रवक्ता, झारखंड के हित की बात कीजिए : विनोद कुमार पांडेय

    August 28, 2026

    झारखंड: सिमडेगा में किशोरों को राखी बांध उपायुक्त ने कराया अपनों का अहसास, सिलाई प्रशिक्षण के निर्देश

    August 28, 2026

    Breaking : सीजीएल पेपर लीक मामले में 4 और गिरफ्तार, सोमांश व राहुल पांच दिनों की रिमांड पर

    August 28, 2026

    इमरान ख़ान के बेटों के इंटरव्यू पर बवाल, PCB ने की स्काई स्पोर्ट्स से शिकायत

    August 28, 2026

    2027 चुनाव : ओवैसी ने बीजेपी को घेरा, कहा- ‘मुसलमान हैं बीजेपी का सबसे बड़ा निशाना’

    August 28, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.