Ranchi : झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। झामुमो द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर अब भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झामुमो पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को हर जगह भ्रष्टाचार ही दिखाई देता है, क्योंकि उसका अपना इतिहास वोट बेचने और सौदेबाजी से जुड़ा रहा है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के दौरान झामुमो सांसदों पर रिश्वत लेने के आरोप लगे थे और वह संसदीय इतिहास का काला अध्याय माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में वोट के बदले पैसे लिए गए थे और अब वही पार्टी लोकतंत्र और खरीद-फरोख्त की बात कर रही है।
उन्होंने कहा कि झामुमो का चुनाव आयोग को लिखा गया पत्र लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि उसकी राजनीतिक असुरक्षा और अपने विधायकों पर अविश्वास का प्रमाण है। प्रतुल ने सवाल उठाया कि जब गठबंधन के नेता खुद पूर्ण बहुमत का दावा करते हैं, तो फिर भाजपा के उम्मीदवार उतारने से उन्हें डर क्यों लग रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्यसभा चुनाव लड़ना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी भी पार्टी को चुनाव मैदान में उतरने से रोकना तानाशाही सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, डर और बहानों का नहीं।
प्रतुल शाहदेव ने यह भी कहा कि झामुमो का पूरा पत्र भय, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है और अब अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झामुमो को भाजपा से नहीं, बल्कि अपने ही असंतुष्ट विधायकों से खतरा है। अगर गठबंधन वास्तव में मजबूत है, तो उसे किसी भी राजनीतिक मुकाबले से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
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