Ranchi : गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने विकेन्द्रित उत्पादन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रभावी तरीका बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यह मॉडल खासकर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का बड़ा साधन बन सकता है। अपने संदेश में उन्होंने “संघे शक्ति कलियुगे” की अवधारणा को भी रेखांकित किया और लिज्जत पापड़ को इसका बेहतरीन उदाहरण बताया। कल्पना सोरेन ने अपने पोस्ट में श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक उद्योग नहीं, बल्कि महिलाओं की सामूहिक शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल ने लाखों महिलाओं को घर बैठे काम देकर आत्मनिर्भर बनाया है और उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है।
“संघे शक्ति कलियुगे”, इस विचार को यदि किसी संस्था ने वास्तविक रूप दिया है, तो वह है श्री महिला गृह उद्योग,लिज्जत पापड़। महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और सहयोग से खड़ा हुआ यह संगठन आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है।
गृह एवं कुटीर उद्योगों… pic.twitter.com/hkgbF2qc32
— Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) May 20, 2026
“डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” पर दिया जोर
विधायक ने विकेन्द्रित उत्पादन यानी “डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” सिस्टम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस मॉडल में महिलाएं अपने घर या स्थानीय स्तर पर रहकर काम कर सकती हैं। इससे उन्हें एक तरफ परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने में आसानी होती है, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक रूप से मजबूत बनने का मौका भी मिलता है। कल्पना सोरेन ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गृह उद्योग और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि लिज्जत पापड़ जैसे सफल मॉडल को सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी लागू किया जाए।
सरकार और संस्थाओं से समन्वित प्रयास की अपील
उन्होंने सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी क्षेत्र से अपील की कि वे मिलकर इस दिशा में काम करें।उनका कहना है कि अगर ऐसे मॉडल को सही तरीके से बढ़ावा दिया जाए तो ग्रामीण परिवारों को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिल सकता है। कल्पना सोरेन का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के संदर्भ में एक सकारात्मक पहल के तौर पर देख रहे हैं।
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