Saraikela : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर चांडिल अनुमंडल के इलाकों में लोग डर के साए में जी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर गांवों की ओर आ जाता है। इससे लोगों की नींद उड़ गई है और हर रात किसी अनहोनी का डर बना रहता है। ताजा मामला कुकड़ू प्रखंड के ईचाडीह पंचायत अंतर्गत आदरडीह चौका गांव का है। बीती रात करीब 10:30 बजे एक जंगली हाथी गांव में घुस आया और सीधे गुरुपद गोप के घर पर हमला कर दिया। देखते ही देखते हाथी ने घर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। उस वक्त गुरुपद गोप अपने पूरे परिवार के साथ घर के अंदर सो रहे थे। अचानक घर टूटने की आवाज से परिवार की नींद खुली और अफरा-तफरी मच गई।
सूझबूझ से बची पूरे परिवार की जान
घटना के दौरान गुरुपद गोप ने हिम्मत और समझदारी दिखाई। जैसे ही उन्हें हाथी के हमले का अंदेशा हुआ, उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी, विवाहित बेटी और छोटे-छोटे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की सजगता ने उनकी जान बचा ली।
घर का राशन और सामान सब बर्बाद
हाथी सिर्फ घर तोड़कर नहीं गया, बल्कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी बर्बाद कर गया। घर में रखा अनाज हाथी ने नष्ट कर दिया। घरेलू सामान भी टूट-फूट गया। एक ही रात में परिवार का काफी नुकसान हो गया। अब परिवार के सामने रहने और खाने-पीने की भी चिंता खड़ी हो गई है। इस हमले में गुरुपद गोप की पत्नी घायल हो गईं। हालांकि चोट कितनी गंभीर है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि घायल महिला का जल्द इलाज कराया जाए और प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। इलाके में लगातार हाथियों के गांव में घुसने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि हाथियों को आबादी वाले इलाकों में आने से रोका जा सके।
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