Hazaribagh : झारखंड के हजारीबाग में सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। झारखंड अधिविध परिषद (जैक) की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने पर डीसी हेमंत सती ने कड़ा ऐतराज जताया है। खराब प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि अब शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। डीसी ने बैठक में स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, नामांकन, ट्रांसफर, प्रमोशन, सेवा संपुष्टि और विभागीय कार्रवाई जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की।
जहां जरूरत, वहीं भेजे जाएंगे शिक्षक
हजारीबाग में लंबे समय से यह शिकायत रही है कि कुछ शहरी स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, जबकि कई ग्रामीण या जरूरत वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। डीसी ने इस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ निर्देश दिया है कि अब छात्रों की संख्या के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती होगी। शिक्षा अधिकारियों को समय सीमा के भीतर रेशनलाइजेशन की रिपोर्ट देने को कहा गया है।
10वीं से 12वीं तक रिजल्ट सुधारने का टारगेट
डीसी हेमंत सती ने जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन को निर्देश दिया है कि अभी से ऐसी रणनीति बनाई जाए, जिससे अगले साल 10वीं से 12वीं तक के परीक्षा परिणाम बेहतर हों। उन्होंने कहा कि सिर्फ परीक्षा के समय तैयारी नहीं, बल्कि पूरे साल पढ़ाई की व्यवस्था मजबूत करनी होगी, तभी रिजल्ट में बड़ा बदलाव दिखेगा।
आवासीय और बालिका विद्यालयों पर खास फोकस
समीक्षा बैठक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय समेत अन्य आवासीय स्कूलों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। डीसी ने रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। एडीपीओ को वार्डन के साथ समन्वय बनाकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। साथ ही अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन स्कूलों का नियमित निरीक्षण करें और साफ-सफाई, पढ़ाई और अनुशासन पर नजर रखें। कक्षा 1 से 5 तक के उन स्कूलों पर भी प्रशासन की नजर है, जहां सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा है। ऐसे स्कूलों में कामकाज बेहतर करने के लिए बीपीओ को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। बालिका विद्यालयों में समय पर नामांकन पूरा कराने पर भी जोर दिया गया है।
आंकड़ों में समझिए हजारीबाग का प्रदर्शन
मैट्रिक परीक्षा 2026 में हजारीबाग जिला राज्य में 14वें स्थान पर रहा। पिछले साल यानी 2025 में जिला 7वें स्थान पर था। हालांकि पास प्रतिशत में मामूली बढ़ोतरी हुई है।
- 2026 मैट्रिक पास प्रतिशत: 94.9%
- 2025 मैट्रिक पास प्रतिशत: 94.4%
- कुल परीक्षार्थी: 25,048
- सफल छात्र: 23,772
इंटरमीडिएट में भी जिले का प्रदर्शन बहुत प्रभावशाली नहीं रहा।
- आर्ट्स: 97.41% (राज्य में 10वां स्थान)
- कॉमर्स: 96.25% (राज्य में 9वां स्थान)
- साइंस: 87.99% (राज्य में 6ठा स्थान)
डीसी हेमंत सती ने कहा है कि हर हाल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करनी होगी। जहां शिक्षकों की कमी है, वहां तुरंत व्यवस्था की जाएगी और जहां जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, वहां संतुलन बनाया जाएगा।


