Ranchi : झारखंड सरकार ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की नियमावली में बदलाव की दिशा में अहम पहल की है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से 5 मई 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति JTET नियमावली में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं के समावेश और विलोपन से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी। लंबे समय से राज्य में भाषा प्रावधानों को लेकर विवाद और विभिन्न संगठनों की मांगें सामने आती रही हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति जिलावार भाषा संबंधी नियमों का अध्ययन कर सरकार को अपनी अनुशंसा सौंपेगी। इसका उद्देश्य शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में भाषा संबंधी नियमों को और स्पष्ट तथा व्यावहारिक बनाना है।
कई मंत्री बनाए गए समिति सदस्य
सरकार द्वारा गठित इस उच्च स्तरीय समिति में वित्त एवं योजना मंत्री राधा कृष्ण किशोर को समन्वयक बनाया गया है। वहीं श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पेयजल, स्वच्छता एवं उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद और नगर विकास, शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार को सदस्य बनाया गया है।
स्कूली शिक्षा विभाग रहेगा नोडल एजेंसी
अधिसूचना के अनुसार स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को समिति का नोडल विभाग बनाया गया है। विभाग समिति की बैठकों का आयोजन करेगा और समीक्षा से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएगा। सरकार ने समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। यह अधिसूचना राज्यपाल के आदेश से उप सचिव ब्रज माधव द्वारा जारी की गई है। अब सभी की नजर समिति की सिफारिशों और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
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