Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»झारखंड: करीब 6 हजार करोड़ खर्च के बाद भी अधूरी सुबर्णरेखा परियोजना, विशेष पैकेज नहीं देगा केंद्र
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: करीब 6 हजार करोड़ खर्च के बाद भी अधूरी सुबर्णरेखा परियोजना, विशेष पैकेज नहीं देगा केंद्र

    Joharlive NetworkBy Joharlive NetworkAugust 7, 2026No Comments4 Mins Read4
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    विजय उरांव, रांची

    झारखंड की महत्वाकांक्षी सुबर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के पूरा होने में सबसे बड़ी बाधा भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की धीमी प्रक्रिया बनी हुई है. केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि फिलहाल परियोजना के लिए किसी विशेष वित्तीय पैकेज पर विचार नहीं किया जा रहा है.

    जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने लोकसभा में सांसद बिद्युत बरन महतो के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि जल राज्य का विषय है और जल संसाधन परियोजनाओं की योजना, वित्तपोषण, निर्माण तथा रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. केंद्र सरकार तकनीकी सहयोग और विभिन्न योजनाओं के तहत आंशिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है.

    5,862 करोड़ खर्च, 3,717 करोड़ का काम बाकी

    सरकार ने बताया कि सुबर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना को वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (PMKSY-AIBP) के तहत देश की 99 प्राथमिकता वाली सिंचाई परियोजनाओं में शामिल किया गया था. वर्ष 2017 के मूल्य स्तर पर परियोजना की संशोधित स्वीकृत लागत 9,579.58 करोड़ रुपये है, जिसमें से अब तक 5,862.20 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.

    परियोजना के शेष कार्यों की अनुमानित लागत 3,717.38 करोड़ रुपये है. PMKSY-AIBP के तहत इस परियोजना के लिए 1,373.698 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है, जिसमें से अब तक 756.73 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. शेष 616.968 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जानी है, जो बाकी कार्यों की लागत का लगभग 16.6 प्रतिशत है.

    भूमि अधिग्रहण और R&R की धीमी रफ्तार से वर्षों से अटकी परियोजना

    केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि परियोजना में देरी का मुख्य कारण भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) कार्यों की धीमी प्रगति है. इसी वजह से यह परियोजना वर्षों से लंबित है और कोल्हान क्षेत्र के किसानों को अपेक्षित सिंचाई सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है.

    सदन में यह भी पूछा गया था कि यदि झारखंड सरकार विशेष सहायता का प्रस्ताव भेजती है तो क्या केंद्र विशेष पैकेज देने पर विचार करेगा. इस पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. लोकसभा में केंद्र के जवाब से साफ है कि अतिरिक्त विशेष पैकेज की संभावना फिलहाल नहीं है. ऐसे में परियोजना की रफ्तार अब राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज करने पर ही निर्भर करेगी.

    क्या है सुबर्णरेखा परियोजना?

    सुबर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना झारखंड की सबसे महत्वाकांक्षी सिंचाई एवं जल संसाधन परियोजनाओं में से एक है. यह सुबर्णरेखा नदी और उसकी प्रमुख सहायक खरकई नदी पर विकसित की जा रही अंतरराज्यीय परियोजना है, जिसमें झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तीनों राज्य शामिल हैं. वर्ष 1978 में तीनों राज्यों के बीच हुए समझौते के बाद इस परियोजना की आधारशिला रखी गई और बाद में इसका निर्माण शुरू हुआ. इसका उद्देश्य केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पेयजल उपलब्ध कराना, औद्योगिक जलापूर्ति, बाढ़ नियंत्रण और जलविद्युत उत्पादन भी है.

    परियोजना के प्रमुख घटकों में सरायकेला-खरसावां स्थित चांडिल बांध, पश्चिम सिंहभूम का इचा बांध, पूर्वी सिंहभूम का गालूडीह बैराज, गंजिया बैराज तथा इनसे जुड़ा विस्तृत नहर नेटवर्क शामिल है. इन संरचनाओं के माध्यम से सुबर्णरेखा और खरकई नदी के जल का नियोजित उपयोग कर कृषि, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने की योजना है.

    यह परियोजना झारखंड के साथ-साथ ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसके पूरा होने पर कोल्हान क्षेत्र के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां सहित आसपास के जिलों में लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का लक्ष्य है. साथ ही जमशेदपुर, आदित्यपुर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक जलापूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे औद्योगिक विकास को भी मजबूती मिलेगी. निचले इलाकों में बाढ़ नियंत्रण, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी.

    हालांकि, परियोजना शुरू होने के चार दशक से अधिक समय बाद भी भूमि अधिग्रहण, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) और प्रशासनिक देरी के कारण यह पूरी नहीं हो सकी है. इसी वजह से इसे वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (PMKSY-AIBP) के तहत देश की 99 प्राथमिकता वाली सिंचाई परियोजनाओं में शामिल किया गया, ताकि लंबित कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके. आज भी इस परियोजना के समय पर पूरा होने की सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया ही बनी हुई है.

    Also Read : झारखंड: क्या रेलवे को मिल रही है अब तक की सबसे बड़ी सौगात?

    सुबर्णरेखा
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleबाढ़ प्रभावित असम की मदद को आगे आया झारखंड, 3 करोड़ रुपये देगा राज्य
    Next Article SC/ST Reservation: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का हलफनामा, SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं हो सकती

    Related Posts

    क्राइम

    SC/ST एक्ट से ‘सामान्य वर्ग से भेदभाव’ का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

    September 22, 2026
    खेल-सिनेमा

    गोल्ड जीतने के साथ मंधाना का बड़ा रिकार्ड, 11,000 इंटरनेशनल रन बनाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर

    September 22, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन में भारत की बड़ी कामयाबी, महानदी बेसिन में ONGC को मिली गैस

    September 22, 2026
    खेल-सिनेमा

    एशियन गेम्स 2026 में भारत का गोल्डन पंच : विमेंस क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार जीता स्वर्ण पदक

    September 22, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    ‘धार्मिक कारणों से वंदे मातरम न गाने वाले व्यक्ति पर कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए’: सुप्रीम कोर्ट

    September 22, 2026
    क्राइम

    जमुई छेड़खानी मामला : मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस एनकाउंटर, पैर में लगी गोली; अब तक 6 गिरफ्तार

    September 22, 2026
    Latest Posts

    SC/ST एक्ट से ‘सामान्य वर्ग से भेदभाव’ का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

    September 22, 2026

    गोल्ड जीतने के साथ मंधाना का बड़ा रिकार्ड, 11,000 इंटरनेशनल रन बनाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर

    September 22, 2026

    डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन में भारत की बड़ी कामयाबी, महानदी बेसिन में ONGC को मिली गैस

    September 22, 2026

    एशियन गेम्स 2026 में भारत का गोल्डन पंच : विमेंस क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार जीता स्वर्ण पदक

    September 22, 2026

    ‘धार्मिक कारणों से वंदे मातरम न गाने वाले व्यक्ति पर कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए’: सुप्रीम कोर्ट

    September 22, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.