Ramgarh : रामगढ़ जिले के चर्चित कामेश्वर पांडे हत्याकांड में अदालत ने गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को दोषी करार दिया है। गुरुवार को एडीजे-1 की अदालत में मामले की सुनवाई हुई, जहां पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर फैसला सुनाया गया। अदालत ने अमन श्रीवास्तव के साथ इस कांड में सहयोगी रहे लखन साव को भी दोषी माना है। वहीं सजा के बिंदु पर अदालत 15 मई को अपना फैसला सुनाएगी। यह मामला पतरातू के रहने वाले 70 वर्षीय कामेश्वर पांडे की हत्या से जुड़ा है। घटना उस समय हुई थी, जब वे स्थानीय सब्जी बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान श्रीवास्तव गिरोह के शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले में पवन किशोर पांडे ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि अमन श्रीवास्तव ने इलाके में अपना दबदबा कायम करने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से इस हत्या की साजिश रची थी। खास बात यह रही कि मृतक कामेश्वर पांडे का किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। इस मामले में पुलिस ने गणेश सिंह उर्फ जयप्रकाश सिंह, लखन साव और अमन श्रीवास्तव को नामजद आरोपी बनाया था। हालांकि, अभियोजन पक्ष गणेश सिंह के खिलाफ अदालत में कोई ठोस साक्ष्य या गवाह पेश नहीं कर सका, जिसके बाद अदालत ने उसे बरी कर दिया। मामले में सरकार की ओर से एपीपी श्रद्धा जया टोपनो ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता बीएन त्रिपाठी और रामगढ़ के अधिवक्ता महेंद्र महतो ने बहस की।
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