Jamtara (Rajiv Jha) : जामताड़ा शहर के कोर्ट मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। गुरुवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग प्रतिमा स्थल पर जुट गए और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करने लगे। बताया जा रहा है कि देर रात किसी ने प्रतिमा स्थल का ताला तोड़ दिया और भगवान बिरसा मुंडा के तुनीर में लगे तीर को निकालकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, प्रतिमा का धनुष भी तोड़ दिया गया। सुबह जब स्थानीय लोगों ने प्रतिमा की हालत देखी तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, एसडीपीओ विकास आनंद लागोरी, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार महतो समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। एसडीओ अनंत कुमार ने कहा कि इस तरह की घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले प्रतिमा को पहले से अधिक मजबूत तरीके से तैयार कराया जाएगा। इसके साथ ही घटना को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
सामाजिक कार्यकर्ता बहादुर सोरेन ने कहा कि शहर के सबसे व्यस्त इलाके में इस तरह की घटना होना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे का समय देते हुए कहा कि अगर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आदिवासी समाज प्रतिमा स्थल पर धरना देगा, सड़क जाम करेगा और बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। विजय कुमार टुडू ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब शहर के बीचोंबीच लगी प्रतिमा सुरक्षित नहीं है तो ग्रामीण इलाकों में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार महतो ने बताया कि प्रतिमा स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
इलाके में बढ़ाई गई सतर्कता
घटना के बाद कोर्ट मोड़ और आसपास के इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत कर माहौल शांत रखने की अपील कर रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के गौरव और सम्मान का प्रतीक हैं, इसलिए इस तरह की घटना ने लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।
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