Ranchi : झारखंड में चर्चित गैंगस्टर अमन साव एनकाउंटर केस एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से CID की केस डायरी तलब कर ली है। अब इस केस में आगे क्या होगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है। हाईकोर्ट में इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और सरकार दोनों का पक्ष सुना गया। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि पूरी सच्चाई जानने के लिए CID की केस डायरी जरूरी है, इसलिए सरकार से इसे पेश करने को कहा गया है। दरअसल, मामला सिर्फ एक FIR का नहीं, बल्कि दो अलग-अलग एंगल का बनता दिख रहा है-
- पुलिस का दावा: आरोपी भाग रहा था, इसलिए एनकाउंटर हुआ
- परिवार का आरोप: यह सुनियोजित फर्जी एनकाउंटर था
मां ने लगाए गंभीर आरोप, CBI जांच की मांग
अमन साव की मां ने इस पूरे एनकाउंटर को साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर उनके बेटे की हत्या कर दी और इसे एनकाउंटर का रूप दे दिया। उन्होंने इस मामले में CBI जांच की मांग की है और ऑनलाइन FIR भी दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि उसे अब तक रजिस्टर नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि:
- पुलिस ने जो FIR दर्ज की है, वह सिर्फ “भागने और एनकाउंटर” वाले एंगल पर है
- जबकि परिवार के आरोप अलग हैं, इसलिए दूसरी FIR होनी चाहिए
वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि:
- एक ही केस में सभी बिंदुओं की जांच CID कर रही है
- इसलिए दूसरी FIR की जरूरत नहीं है
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
इस केस में पहले भी देरी और FIR दर्ज न होने को लेकर हाईकोर्ट सरकार को फटकार लगा चुका है। कोर्ट ने साफ कहा था कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और FIR दर्ज करना जरूरी है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून तय की है। तब तक सरकार को CID की केस डायरी पेश करनी होगी।
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