Ranchi : झारखण्ड पुलिस सर्विस एसोसिएशन ने मीडिया में प्रकाशित खबर “राज्य के 14 कोषागारों से सेंधमारी, डीएसपी और पुलिसकर्मियों समेत 614 शिक्षकों व फोर्थ ग्रेड कर्मियों ने फर्जी ढंग से निकाला दोहरा वेतन” के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
एसोसिएशन के अनुसार, प्रधान महालेखाकार (लेखा) झारखण्ड द्वारा संपादित अंकेक्षण अवलोकन (Audit Observation) के क्रम में पलामू जिले में पूर्व एवं वर्तमान में पदस्थापित कुछ डीएसपी के वेतन खाते में वित्तीय वर्ष 2023-2024 के दौरान दोहरा महंगाई भत्ता (DA) एरियर भुगतान किए जाने पर आपत्ति दर्ज की गई है।
इस मामले में जिन डीएसपी के नाम सामने आए हैं, उनमें मुकेश कुमार महतो, मणिभूषण प्रसाद (सेवानिवृत्त), मो. नौशाद आलम और राजेश यादव (परिक्ष्यमान डीएसपी) शामिल हैं।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह मामला दोहरा मासिक वेतन का नहीं है, बल्कि केवल DA एरियर की राशि का है। बताया गया कि यह एरियर राशि लगभग 6,000 रुपये या उससे कम थी, जो डीएसपी के वेतन की तुलना में काफी कम है।
एसोसियेशन में कहा गया कि जैसे ही यह मामला संबंधित डीएसपी के संज्ञान में आया, उन्होंने ट्रेजरी चालान के माध्यम से संबंधित राशि जमा कर दी। एसोसिएशन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भुगतान लिपिकीय या लेखा त्रुटि प्रतीत हो रही है, हालांकि इस पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है और निकट भविष्य में जांच का निष्कर्ष आने की संभावना है।
झारखण्ड पुलिस सर्विस एसोसिएशन ने मीडिया रिपोर्टिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ समाचार पत्रों और मीडिया माध्यमों में यह खबर चलाई जा रही है कि डीएसपी ने फर्जी तरीके से दोहरा वेतन लिया है, जबकि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष लेना अत्यंत आवश्यक है। यह भी भरोसा दिलाया गया कि जांच के दौरान यदि कोई दोषी कर्मचारी पाया जाता है, तो जांच दल द्वारा उसे चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
Also Read : हजारीबाग में पत्नी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, पति निकला मास्टरमाइंड, 3 गिरफ्तार


