Palamu: जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए पलामू प्रशासन पूरी तरह रेस हो गया है। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में डीसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मार्च के खौफनाक आंकड़े: 36 हादसों में 30 की गई जान
समीक्षा के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि केवल मार्च महीने में ही जिले में 36 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में 30 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि 23 लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचे। इन डरावने आंकड़ों को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए।
हिट एंड रन और मुआवजे पर सख्ती
बैठक में बताया गया कि जिले में हिट एंड रन के 94 मामले फिलहाल लंबित हैं। उपायुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए जीआईसी और अनुसंधान स्तर पर लंबित फाइलों को जल्द से जल्द निपटाने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के शिकार लोगों और उनके परिजनों को मुआवजे की राशि मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए।
बिना हेलमेट और ओवरस्पीडिंग पर लगेगा लगाम
उपायुक्त ने यातायात नियमों के कड़ाई से पालन के लिए नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया है। अब बिना हेलमेट के बाइक चलाने, गलत दिशा में वाहन ले जाने, बिना सीट बेल्ट के कार चलाने और तेज रफ्तार (ओवरस्पीडिंग) से वाहन दौड़ाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर शोर मचाने वालों और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस ब्रेथ एनलाइजर का उपयोग करेगी।
गुड सेमेरिटन योजना: 24 घंटे में निपटेंगे आवेदन
हादसे के वक्त घायलों की मदद करने वाले नेक दिल लोगों (गुड सेमेरिटन) को प्रोत्साहित करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए। सिविल सर्जन को आदेश दिया गया है कि गुड सेमेरिटन से संबंधित जितने भी आवेदन लंबित हैं, उनका निष्पादन 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस और प्रशासन का साझा मोर्चा
इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सख्ती का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाना है। पुलिस विभाग को विशेष रूप से प्रमुख चौक-चौराहों पर मुस्तैदी बढ़ाने को कहा गया है।
आज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आहूत कर संबंधित पदाधिकारियों को जिले में नियम के तहत वाहन परिचालन, मोडिफाइड साइलेंसर पर अंकुश,बगैर हेलमेट,ड्रंक एंड ड्राइव को लेकर ब्रेथ एनालाइजर से जांच करने का निर्देश दिया।@prdjharkhand pic.twitter.com/GMjj35pj2I
— DC Palamu (@DC_Palamu) April 30, 2026
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