Pakur: उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा वित्त पोषित एवं जनलोक कल्याण परिषद द्वारा संचालित सोनाजोड़ी वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आश्रम में रह रहे वृद्धजनों को दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता जांचना और उन्हें सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित कराना था।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आश्रम की आधारभूत संरचना, रसोई, शौचालय और पेयजल व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया:
1. वित्तीय सहायता: वृद्धजनों को मिलने वाली सरकारी सहायता की वर्तमान स्थिति।
2. चिकित्सा सुविधा: नियमित स्वास्थ्य जांच और दवाइयों की उपलब्धता।
3. साफ-सफाई: परिसर और रहने के कमरों में स्वच्छता का स्तर।
वृद्धजनों से किया आत्मीय संवाद
डीसी मेघा भारद्वाज ने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनसे बातचीत की। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से जानकारी ली कि उन्हें भोजन समय पर मिलता है या नहीं और स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या तो नहीं है।
उपायुक्त ने कहा कि वृद्धजनों की सेवा करना सबसे बड़ी मानवता है। समाज के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मीयता के साथ जीवनयापन का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि आश्रम में रहने वाले किसी भी वृद्धजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों और संचालन संस्था को निर्देश दिए कि बुजुर्गों के खान-पान में पौष्टिकता और समय का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही उनके लिए नियमित चिकित्सा शिविर और डॉक्टर की विजिट सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन का सहयोग
अंत में, उपायुक्त ने ओल्ड एज होम के विकास के लिए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन वृद्धजनों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।
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