Dhanbad: झरिया में बिजली मरम्मत कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां पोल पर काम कर रहे बिजली कर्मचारी श्याम सुंदर अचानक अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़े। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घायल कर्मचारी को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने एक ओर विभागीय सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है, तो दूसरी ओर हादसे के कारणों को लेकर रहस्य गहरा गया है।
हादसे के पीछे दो थ्योरी: करंट या हीट स्ट्रोक
घटनास्थल पर मौजूद लोगों और सहकर्मियों के बीच हादसे की वजह को लेकर दो अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मरम्मत के दौरान तार में अचानक करंट आ गया, जिससे झटका लगने के कारण श्याम सुंदर का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे जमीन पर आ गिरे।
वहीं, स्थानीय लोगों का एक पक्ष इसे हीट स्ट्रोक से जोड़कर देख रहा है। तर्क दिया जा रहा है कि झरिया की भीषण तपिश और चिलचिलाती धूप में पोल पर काम करते वक्त कर्मचारी को अचानक चक्कर आया होगा। लोगों का यह भी कहना है कि यदि तार में करंट होता, तो पोल पर साथ में काम कर रहा दूसरा कर्मचारी जीतन बाउरी भी इसकी चपेट में आता, लेकिन वह सुरक्षित है, जिससे करंट लगने की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
इस हादसे ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि क्या ऊंचाई पर जान जोखिम में डालकर काम कर रहे कर्मचारियों के पास सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और दस्ताने जैसे अनिवार्य उपकरण थे। साथ ही, बड़ा सवाल यह भी है कि क्या मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले नियमानुसार लिखित शटडाउन लिया गया था या नहीं।
विभागीय चुप्पी और आंदोलन की चेतावनी
हादसे के काफी समय बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की आंतरिक जांच की जा रही है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। दूसरी ओर, इस घटना को लेकर सामाजिक आक्रोश पनप रहा है। विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष अर्जुन विश्वकर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग को चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि घायल कर्मचारी के इलाज का पूरा खर्च विभाग नहीं उठाता और उसे उचित मुआवजा नहीं मिलता, तो समाज द्वारा जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
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