New Delhi: ग्रामीण भारत के विकास को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G Act, 2025 के क्रियान्वयन की जानकारी दी है। यह कानून न केवल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह ले रहा है, बल्कि यह ग्रामीण भारत में विकेंद्रीकृत नियोजन और स्थानीय आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रहा है।
MGNREGA का नया और उन्नत स्वरूप
दिसंबर 2025 में संसद में पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त करने के बाद, यह अधिनियम अब पूरे देश में लागू हो गया है। सरकार ने इसे ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के साथ जोड़ते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने का प्रयास बताया है। यह नया कानून महज रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर आधारित है।
ग्राम सभा की बढ़ी ताकत: निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार
इस अधिनियम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि गांव के विकास कार्यों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने का फैसला अब पूरी तरह ग्राम सभा के हाथों में होगा। पहले जिन कार्यों का चयन ऊपर से किया जाता था, अब गांव के लोग स्वयं अपनी जरूरतों के अनुसार सड़क, जल संरक्षण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देंगे। यह स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
विकसित भारत- जी राम जी एक्ट, 2025 के तहत गांव की ज़रूरत का कोई भी काम कराए जाने का फैसला अब ग्राम सभा द्वारा ही लिया जा सकेगा।
-माननीय केन्द्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, श्री शिवराज सिंह चौहान#VBGRAMG #ViksitBharat_GRAMG #GRAMG… pic.twitter.com/CqyI64OIzg
— Ministry of Rural Development, Government of India (@MoRD_GoI) April 24, 2026
125 दिनों की रोजगार गारंटी और किसानों को सुविधा
VB-G RAM G Act के तहत अब हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी वाले रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो पहले 100 दिनों तक सीमित थी। इस कानून में किसानों और खेतिहर मजदूरों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। कृषि के व्यस्त सीजन के दौरान 60 दिनों का ‘पॉज’ दिया जाएगा, ताकि खेती के काम में मजदूरों की कमी न हो और किसानों को भी समय पर श्रम बल मिल सके। बाकी दिनों में काम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
पारदर्शिता और आधुनिक निगरानी का मेल
नया कानून आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसमें कार्यस्थल पर बायोमेट्रिक उपस्थिति, मोबाइल ऐप के माध्यम से निगरानी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एनालिटिक्स का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, मजदूरी का भुगतान अब और भी तेज होगा, जिसे साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरा करने का प्रावधान किया गया है। PM गति शक्ति जैसी योजनाओं के साथ इसका एकीकरण ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार का मानना है कि यह एक्ट ग्रामीण भारत को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि समृद्ध भी करेगा। हालांकि कुछ राज्यों ने वित्तीय बोझ को लेकर चिंताएं जताई हैं, लेकिन केंद्र का स्पष्ट मत है कि यह आधुनिक सुधार देश की ग्रामीण नींव को मजबूत करेंगे और विकास की गति को तेज करेंगे।
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