Kanpur: कानपुर के एक परिवार के लिए वह दिन किसी दुस्वप्न से कम नहीं था, जब उन्होंने अपने 10 वर्षीय इकलौते बेटे के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ उसे लखनऊ के एक गुरुकुल में भेजा था, लेकिन लौटकर आया तो सिर्फ उसका बेजान शरीर। लखनऊ स्थित गुरुकुल में पढ़ने वाले इस मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसके शव को परिवार के घर के बाहर फेंककर आरोपी फरार हो गए।
इस घटना ने न केवल परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इस हत्याकांड की भयावहता का अंदाजा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से लगाया जा सकता है, जिसने रूह कंपा देने वाली क्रूरता की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, मासूम के शरीर पर 45 से अधिक चोटों के गहरे निशान मिले हैं। यह बर्बरता यहीं नहीं रुकी; शरीर पर सिगरेट से दागने के निशान भी पाए गए हैं, जो आरोपियों की अमानवीय प्रवृत्ति को दर्शाते हैं।
इकलौते बेटे को खोने के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि उन्होंने बच्चे को संस्कार और बेहतर शिक्षा के लिए वहां भेजा था, लेकिन उन्हें उसके बदले में सिर्फ उसका शव मिला। घटना के बाद से ही क्षेत्र में भारी आक्रोश है और परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर रिपोर्ट प्राप्त कर ली गई है और पुलिस की टीमें उन आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं जो घटना को अंजाम देने के बाद से फरार हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दिलवाई जाएगी। यह मामला अब उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा और हॉस्टल/गुरुकुलों की मॉनिटरिंग के सिस्टम पर गंभीर सवाल उठा रहा है।
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