Johar Live, International : डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच संघर्ष-विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, अमेरिका की ओर से सैन्य घेराबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि यह कदम ईरान को बातचीत के लिए और समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पाकिस्तान के अनुरोध पर बढ़ाया गया संघर्ष-विराम
ट्रंप ने बताया कि यह फैसला आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ के अनुरोध के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार फिलहाल अंदरूनी तौर पर बंटी हुई नजर आ रही है, इसलिए उसे एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय देना जरूरी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब तक ईरान के नेता एकमत प्रस्ताव पेश नहीं कर देते, तब तक अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई रोक कर रखेगा।
सेना तैयार रहेगी, नाकेबंदी जारी रहेगी
ट्रंप ने साफ किया कि संघर्ष-विराम के बावजूद अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार रहेगी। उन्होंने कहा कि सेना को निर्देश दिया गया है कि वह ईरान के खिलाफ घेराबंदी जारी रखे और हर स्थिति के लिए तैयार रहे। उनके मुताबिक, सीजफायर तब तक लागू रहेगा जब तक ईरान अपनी तरफ से प्रस्ताव पेश नहीं करता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती। इस दौरान किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सेना को अलर्ट मोड में रखा गया है।
बातचीत पर अनिश्चितता, उपराष्ट्रपति का दौरा टला
इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के लिए माहौल बनाने के लिए संघर्ष-विराम कराया गया था, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के इरादों को लेकर आशंकित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल टाल दी गई है। इसका कारण यह बताया गया है कि ईरान ने अब तक अमेरिका के प्रस्तावों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। वहीं, ईरान ने भी कहा है कि उसने अभी यह तय नहीं किया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करेगा या नहीं।
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