Ranchi : झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों और देशभर के पर्यटकों को सिमडेगा घूमने का न्योता दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर एक वीडियो साझा करते हुए सिमडेगा की प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। सीएम ने लिखा कि लोग अपनी मिट्टी और संस्कृति से रूबरू होने के लिए सिमडेगा जरूर जाएं।
हरियाली, पहाड़ और इतिहास का संगम
वीडियो में सिमडेगा जिले को झारखंड के दक्षिण-पश्चिम में स्थित बताया गया है, जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा हुआ है। चारों ओर फैली हरियाली, ऊंची पहाड़ियां और घने जंगल इस इलाके को खास बनाते हैं। यहां की मिट्टी में इतिहास के कई अनसुने किस्से छिपे हैं। पुराने भवन और पहाड़ियां समय के कई दौर, संघर्ष और बदलाव की गवाह रही हैं।
116 साल पुराना भवन बना संग्रहालय
प्रशासन ने जिले की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के लिए अहम पहल की है। करीब 116 साल पुराना एसडीओ कार्यालय, जो जर्जर हो चुका था, उसे पुनर्जीवित कर संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया है। जो भवन कभी प्रशासन का केंद्र था, वही अब इतिहास को सहेजने का केंद्र बन गया है। इस भवन के दरवाजे, खिड़कियां, लकड़ी की अलमारियां और अन्य संरचनाएं पहले की तरह सुरक्षित रखी गई हैं, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।
अपने मिट्टी – अपने संस्कृति से रूबरू होने जरूर जायें। pic.twitter.com/n19zrOcTH2
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) April 16, 2026
ब्रिटिश काल के दस्तावेज और वीरता की कहानी
संग्रहालय में ब्रिटिश शासनकाल के दस्तावेजों को संरक्षित किया गया है, जो उस समय की प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय समाज के संबंधों को दर्शाते हैं। खास बात यह है कि यहां प्रथम विश्व युद्ध से जुड़े दस्तावेज भी मौजूद हैं, जो बताते हैं कि सिमडेगा के वीर जवान फ्रांस तक युद्ध लड़ने पहुंचे थे। इस वीरता की गाथा स्थानीय लोकगीतों में भी आज तक जीवित है।
पुरानी वस्तुएं और जनजातीय धरोहर भी सहेजी गई
संग्रहालय में पुराने हथियार, लगभग सौ साल पुरानी कुर्सियां, लकड़ी के पंखे, लालटेन, अलमारियां और अन्य ऐतिहासिक वस्तुएं रखी गई हैं। इसके अलावा जनजातीय संस्कृति से जुड़ी दुर्लभ चीजें भी यहां सुरक्षित हैं, जो उस समय की जीवनशैली और सामाजिक परिवेश को दिखाती हैं।
लाइब्रेरी और गाइड की भी व्यवस्था
संग्रहालय परिसर में एक पुस्तकालय भी बनाया गया है, जो छात्रों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा। इसके रखरखाव और आगंतुकों की सुविधा के लिए गाइड की व्यवस्था की गई है, जो लोगों को संग्रहालय की हर वस्तु और उसके इतिहास के बारे में जानकारी देंगे।
इतिहास से जुड़ने का प्रयास
यह जिला संग्रहालय सिर्फ पुरानी चीजों को संजोने की जगह नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक प्रयास है। सीएम हेमंत सोरेन ने इसी संदेश के साथ लोगों से सिमडेगा आने और इसकी विरासत को करीब से देखने की अपील की है।
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