Ranchi : रांची के हेहल स्थित SIRD सभागार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की जानकारी और क्षमता विकास को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। इस कार्यशाला का उद्घाटन राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।


तकनीक मददगार है, इंसान की जगह नहीं ले सकती
उद्घाटन सत्र में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने साफ कहा कि तकनीक काम को आसान बनाने का जरिया है, लेकिन यह इंसान की जगह नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि आज AI को समझना और उसका सही इस्तेमाल करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस दिन स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं भी AI का उपयोग करने लगेंगी, उस दिन इसकी असली सफलता दिखाई देगी।
AI से डरने की नहीं, अपनाने की जरूरत
मंत्री ने अधिकारियों से अपील की कि वे AI से घबराएं नहीं, बल्कि इसे अपने काम को आसान बनाने के लिए अपनाएं। साथ ही उन्होंने यह भी चेताया कि सरकारी कामकाज में डेटा का इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी है, ताकि किसी तरह का दुरुपयोग न हो।
450 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य
इस पहल के तहत JSLPS ने कुल 6 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए करीब 450 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल SIRD में चल रही इस कार्यशाला में 60 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। आने वाले दिनों में ऐसे प्रशिक्षण जिला और प्रखंड स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे।
देशभर के विशेषज्ञ दे रहे ट्रेनिंग
इस प्रशिक्षण श्रृंखला में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए विशेषज्ञ और तकनीकी कंपनियों के प्रोफेशनल्स हिस्सा ले रहे हैं। वे AI प्लेटफॉर्म और टूल्स के उपयोग से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं। सत्र में डेटा की समझ, डेटा फोरकास्टिंग, सर्वे और डेटा कलेक्शन, संचार व्यवस्था में सुधार और AI आधारित एप्लिकेशन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
AI सपोर्ट सेल की पहल
यह पूरी पहल ग्रामीण विकास विभाग के AI सपोर्ट सेल के सहयोग से की जा रही है। इसका मकसद JSLPS टीम को ज्यादा सक्षम, तेज और टेक्नोलॉजी के लिए तैयार बनाना है। कार्यशाला में JSLPS के CEO अनन्य मित्तल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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