Ranchi : रांची के रातू थाना क्षेत्र के झखराटांड़ गांव में एक नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला अब हत्या में बदल गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि लड़की को घर में ही मार दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने सुबोध पाठक और उसके बेटे राहुल पाठक को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है।
रात में गांव वालों ने घर पर किया हंगामा
पुलिस के मुताबिक, 02 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे झखराटांड़ गांव में सुबोध पाठक के घर पर अचानक गांव वालों की भीड़ जमा हो गई। लोगों का आरोप था कि सुबोध के घर में पिछले करीब 8 साल से रह रही लड़की अचानक गायब हो गई है। इसी बात को लेकर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने पहले सन्हा दर्ज कर शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही रातू थाना में सन्हा दर्ज किया गया। पुलिस ने लड़की की तलाश शुरू की और बिहार के औरंगाबाद तक पता लगवाने के लिए टीम भेजी गई। इसके बाद भी जब लड़की का कुछ पता नहीं चला तो पुलिस ने 03 अप्रैल को रातू थाना कांड संख्या 111/26 दर्ज कर लिया। इस केस में धारा 140(3) BNS लगाई गई।
घर में FSL टीम भी पहुंची, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुबोध पाठक के घर पर FSL टीम को भी बुलाया। टीम ने जांच की, लेकिन शुरुआती जांच में कोई बड़ा सबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को शक और गहरा हो गया कि मामला सीधा नहीं है।
एसएसपी ने बनाई खास टीम
लड़की के नाबालिग होने और मामला संवेदनशील होने के कारण रांची एसएसपी राकेश रंजन ने इसे गंभीरता से लिया। रूरल एसपी प्रवीण पुष्कर की देखरेख में टीम बनाई गई, ताकि सच्चाई जल्दी सामने आ सके।
टोल प्लाजा की फोटो और तकनीकी जांच से खुला मामला
पुलिस ने जब मोबाइल और तकनीकी जानकारी खंगाली तो कुछ अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने टोल प्लाजा के फोटो भी निकलवाए। इन्हीं सबूतों के आधार पर जब पुलिस ने सुबोध पाठक और राहुल पाठक से सख्ती से पूछताछ की तो दोनों टूट गए और उन्होंने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
एंबुलेंस से गया ले जाकर कर दिया अंतिम संस्कार
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिता-पुत्र ने बताया कि लड़की की हत्या करने के बाद शव को छिपाने के लिए उन्होंने एंबुलेंस संख्या JH-01-AA-1245 का इस्तेमाल किया। दोनों ने बताया कि वे शव को लेकर बिहार के गया गए और वहां दाह संस्कार कर दिया, ताकि किसी को शक न हो और सबूत खत्म हो जाए।
एंबुलेंस जब्त, चालक ने बताई पूरी बात
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस को जब्त कर लिया। एंबुलेंस चालक पिंटू कुमार सिंह से भी पूछताछ की गई। ड्राइवर ने बताया कि सुबोध पाठक ने उसे कहा था कि उसकी 13 साल की बेटी की मौत हो गई है और शव को गया ले जाकर दाह संस्कार करना है। इसी वजह से वह एंबुलेंस लेकर गया था।
इंस्टाग्राम दोस्ती बनी हत्या की वजह
पूछताछ में पिता और बेटे ने बताया कि मृतका की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए राहुल पाठक के साले से हो गई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह बात गांव में फैलने का डर था और इसी बदनामी के डर से उन्होंने लड़की को मार दिया।
पिता और बेटा गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस ने उपलब्ध सबूतों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रूरल एसपी के अनुसार यह मामला बेहद गंभीर है और आगे भी जांच जारी रहेगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हत्या किस तरीके से की गई और क्या इसमें कोई और व्यक्ति भी शामिल था।
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