Dhanbad : नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है और राज्य के ज्यादातर सरकारी दफ्तरों में कामकाज भी शुरू हो गया है। लेकिन उत्पाद विभाग अभी तक संचालन आदेश का इंतजार कर रहा है। इसी वजह से धनबाद जिले की सभी देसी, विदेशी और कंपोजिट शराब दुकानें बंद पड़ी हैं। इसका सीधा असर ग्राहकों और कारोबार दोनों पर दिख रहा है।
143 शराब दुकानें बंद, आदेश का इंतजार
धनबाद जिले में कुल 143 शराब दुकानें हैं, जो फिलहाल पूरी तरह बंद हैं। दरअसल, पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के खत्म होने के बाद इन दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। उत्पाद विभाग ने राज्य सरकार से नवीनीकरण के लिए आदेश मांगा है, लेकिन जब तक आदेश नहीं आता, तब तक दुकानें खुल नहीं सकतीं।
नवीनीकरण के बिना नहीं हो सकती बिक्री
शराब दुकानों की बंदोबस्ती भले ही पांच साल के लिए की गई हो, जिसकी अंतिम तिथि 2030 है, लेकिन हर वित्तीय वर्ष के अंत में लाइसेंस का नवीनीकरण जरूरी होता है। यही वजह है कि प्रक्रिया पूरी नहीं होने तक बिक्री पूरी तरह बंद कर दी गई है।
10 दुकानों ने किया सरेंडर
इस बार एक और बड़ी बात सामने आई है। जिले की 10 शराब दुकानों को संचालकों ने सरेंडर कर दिया है। संचालकों का कहना है कि ज्यादा राजस्व दबाव के कारण दुकान चलाना मुश्किल हो रहा था। अब इन दुकानों की नई बंदोबस्ती की जाएगी।
ग्राहक परेशान, बाजार पर असर
शराब दुकानें बंद होने से ग्राहकों को काफी परेशानी हो रही है। कई लोग इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन कहीं भी बिक्री नहीं हो रही है। दूसरी तरफ, इससे स्थानीय बाजार पर भी असर पड़ रहा है, क्योंकि शराब बिक्री से जुड़े कई छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं।
आदेश मिलते ही खुलेंगी दुकानें
उत्पाद विभाग का कहना है कि जैसे ही राज्य सरकार से संचालन आदेश मिलेगा, सभी दुकानों का नवीनीकरण कर उन्हें खोल दिया जाएगा।
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