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    Home»झारखंड»योगेंद्र साव के निष्कासन पर सियासी बवाल, तेली समाज ने जताई कड़ी आपत्ति
    झारखंड

    योगेंद्र साव के निष्कासन पर सियासी बवाल, तेली समाज ने जताई कड़ी आपत्ति

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyMarch 30, 2026Updated:March 30, 2026No Comments2 Mins Read7
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    मंत्री योगेंद्र साव
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    Bokaro : झारखंड कांग्रेस द्वारा पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को तीन साल के लिए पार्टी से बाहर करने के फैसले ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। पार्टी ने उन पर अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन के खिलाफ बयान देने का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री पर सार्वजनिक टिप्पणी की थी, जिसके बाद कांग्रेस ने सख्त कदम उठाया। इस पूरे मामले में अब तेली समाज भी खुलकर सामने आ गया है। बोकारो जिला तैलिक कल्याण समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। समिति के जिला अध्यक्ष विनेश कुमार नायक ने इसे साजिश बताते हुए कहा कि इस फैसले से पूरे तैली और साहू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

    अंबा प्रसाद ने उठाए सवाल

    इस फैसले का विरोध उनकी बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने खुलकर किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एकतरफा है और बिना पूरी जांच के लिया गया फैसला है। अंबा प्रसाद ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग भी की है।

    निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

    समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार नायक ने साफ कहा कि अगर न्याय नहीं मिला, तो समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।

    आंदोलन की चेतावनी, बढ़ा दबाव

    तैली समाज के बढ़ते विरोध ने कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। समाज के लोग लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं और अब आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद झारखंड की राजनीति में नया समीकरण बनता दिख रहा है।

    कांग्रेस पर पड़ सकता है असर

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर कांग्रेस पर पड़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तैली समाज का प्रभाव ज्यादा है।

    Also Read : रांची के RTI हॉस्टल में संदिग्ध हालत में मिली AG अकाउंट्स के PS की बॉडी, जांच शुरू

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