Ranchi : आईआईएम रांची के छात्रों के लिए आज का दिन बेहद खास है। 28 मार्च को संस्थान का 15वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस मौके पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा और उनके वर्षों की मेहनत को पहचान मिलेगी।
तीन बजे से शुरू होगा समारोह
संस्थान के पुंदाग स्थित कैंपस में दीक्षांत समारोह दोपहर तीन बजे से शुरू होगा। इस खास आयोजन में उपराष्ट्रपति सात मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और उपाधि प्रदान करेंगे। इनमें सत्र 2024-26 के पांच टॉपर्स शामिल हैं, जो एमबीए, एमबीए-बिजनेस एनालिटिक्स, एमबीए-एचआरएम, एमबीए-एग्जीक्यूटिव (समर) और एमबीए-एग्जीक्यूटिव (विंटर) प्रोग्राम से हैं।
दो छात्रों को मिलेगा विशेष अवॉर्ड
इसके अलावा दो छात्रों को खास उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें स्टूडेंट सिटिजनशिप अवॉर्ड और प्रो आशीष हाजेला अवॉर्ड शामिल हैं। ये सम्मान उन छात्रों को दिया जाता है, जिन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक और संस्थागत गतिविधियों में भी बेहतर योगदान दिया है।
नया वर्चुअल रियलिटी प्लेटफॉर्म होगा लॉन्च
इस दीक्षांत समारोह की एक और खास बात यह है कि उपराष्ट्रपति इस मौके पर देश के पहले बी-स्कूल वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी का भी शुभारंभ करेंगे। यह प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट की पढ़ाई को और आधुनिक और प्रैक्टिकल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
558 छात्रों को मिलेगी डिग्री
इस साल आईआईएम रांची कुल 558 छात्रों को डिग्री देने जा रहा है। इनमें पीएचडी के 26, पीएचडी (एग्जीक्यूटिव) के 11, एमबीए के 251, एमबीए-एचआरएम के 62, एमबीए-बीए के 50, एमबीए (एग्जीक्यूटिव) के 50, आईपीएम 2021-26 बैच के 73 और आईपीएम 2022-25 बैच के 35 छात्र शामिल हैं। यह पल सभी छात्रों और उनके परिवार के लिए गर्व और खुशी का मौका है।
2009 में हुई थी संस्थान की स्थापना
आईआईएम रांची की स्थापना 15 दिसंबर 2009 को हुई थी और यह देश का नौवां भारतीय प्रबंधन संस्थान है। शुरुआत में यह सूचना भवन से संचालित होता था, लेकिन बाद में पुंदाग में इसका स्थायी कैंपस बना। आज यह संस्थान एमबीए, एमबीए-एचआरएम, एमबीए-बिजनेस एनालिटिक्स और आईपीएम जैसे कोर्स के लिए जाना जाता है।
छात्रों के लिए नई शुरुआत का दिन
दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री लेने का दिन नहीं होता, बल्कि यह छात्रों के लिए नई शुरुआत का भी प्रतीक होता है। आज आईआईएम रांची के छात्र अपनी मेहनत का फल लेकर नई जिम्मेदारियों और सपनों की ओर कदम बढ़ाएंगे।


