Ranchi : झारखंड में आपराधिक मामलों की जांच को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस विभाग अब पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में e-Summon सिस्टम को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय से राज्य के रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी, बाकी जिलों के एसपी (रेल, सीआईडी एवं एटीएस सहित) को निर्देश जारी किए गए हैं। डीआईजी सह नोडल पदाधिकारी (सीसीटीएनएस) कार्तिक एस. की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नए आपराधिक कानूनों के तहत मामलों के अनुसंधान के लिए 60 या 90 दिनों की समय सीमा तय है। ऐसे में समय पर जांच पूरी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का उपयोग जरूरी हो गया है।
इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होगा पूरा काम
e-Summon सिस्टम के तहत अब न्यायालय से समन जारी करने से लेकर थाना तक भेजने और फिर पुलिस द्वारा तामिला (सर्विस) करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और काम में तेजी आएगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार और एनआईसी (नई दिल्ली) की ओर से e-Summon नाम से एक एप्लिकेशन और मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। इसके उपयोग को लेकर 26 फरवरी 2026 को सभी जिलों की सीसीटीएनएस टीम को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
ट्रायल के बाद ही होगा सिस्टम लागू
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि हर जिला अपने-अपने क्षेत्र में एक थाना चिन्हित करेगा। उस थाना के थाना प्रभारी और एक अनुसंधानकर्ता इस ऐप और सिस्टम का ट्रायल करेंगे। ट्रायल के दौरान पूरे वर्क फ्लो की जांच की जाएगी और निर्धारित फॉर्मेट में रिपोर्ट तैयार कर जिला नोडल पदाधिकारी (सीसीटीएनएस) को सौंपी जाएगी।
7 अप्रैल तक देनी होगी रिपोर्ट
जिला नोडल पदाधिकारी ट्रायल से संतुष्ट होने के बाद सभी रिपोर्ट को पुलिस मुख्यालय भेजेंगे। यह रिपोर्ट 7 अप्रैल 2026 तक एसपीएमयू (सीसीटीएनएस), पुलिस मुख्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।
डेमो डेटा से होगा ट्रायल
ट्रायल के लिए एप्लिकेशन में डेमो डेटा उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किया गया कोई भी डेटा लाइव सर्वर पर नहीं जाएगा, जिससे सिस्टम सुरक्षित रहेगा।
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