Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पानीपाड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिले दो शक्तिशाली बमों को भारतीय सेना की टीम ने सूझ-बूझ और सावधानी के साथ बुधवार को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। सेना के विशेषज्ञों ने पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए आसपास के लोगों को लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर सुरक्षित स्थान पर रहने का निर्देश दिया। सूचना मिलते ही भारतीय सेना की टीम मौके पर पहुंची और पूरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाल ली। सबसे पहले सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आसपास के लोगों को करीब एक किलोमीटर दूर सुरक्षित स्थान पर रहने का निर्देश दिया गया।

कब मिला था बम ?
9 दिन पहले मिले जिंदा बम का कुल वजन 227 किलो था। यह बम अमेरिकी मूल का द्वितीय विश्व युद्ध के समय का बताया जा रहा है। यह पानीपड़ा-नागुडसाई गांव के पास स्वर्णरेखा नदी घाट पर पाया गया था, जहां बालू माफिया खुदाई कर रहे थे। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर इसमें विस्फोट होता है तो इसका असर करीब एक किलोमीटर तक पड़ सकता है, जिससे आसपास के इलाके में भारी नुकसान होने की आशंका है।
डेटोनेटर से किया गया नियंत्रित विस्फोट
सेना के विशेषज्ञों ने पूरी सावधानी के साथ दोनों बमों को निष्क्रिय किया। पहले बम को दोपहर 12:22 बजे और दूसरे बम को 1:22 बजे डेटोनेटर के जरिए नियंत्रित विस्फोट कर नष्ट किया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी तरह का नुकसान न हो।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
बम निष्क्रिय होने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली। घटना से पहले गांव में डर का माहौल था, लेकिन ऑपरेशन के सफल होने के बाद लोगों के चेहरे पर सुकून नजर आया।
सेना के प्रति जताया आभार
स्थानीय ग्रामीणों ने भारतीय सेना की टीम की तारीफ की और उनका धन्यवाद किया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जांच जारी, कैसे पहुंचे बम?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये बम वहां पहुंचे कैसे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं और आसपास के इलाकों में भी नजर रखी जा रही है।
सतर्कता से टली बड़ी घटना
इस पूरे मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर सूचना और तेजी से कार्रवाई बड़े हादसों को टाल सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध चीज की सूचना तुरंत दें और खुद उससे दूर रहें।
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