Ranchi : असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच बड़ी खबर यह है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच चुनावी तालमेल पर सहमति बन गई है। शुरुआती दौर में दोनों दलों के बीच 5 सीटों को लेकर समझौता हुआ है, जबकि बाकी सीटों पर बातचीत अभी जारी है।
5 सीटों पर बनी शुरुआती सहमति
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और JMM के बीच लंबी बातचीत के बाद यह तय हुआ कि JMM सीमित सीटों पर चुनाव लड़ेगा। फिलहाल 5 सीटों पर सहमति बनी है, जहां JMM अपने उम्मीदवार उतारेगा। बाकी सीटों के लिए दोनों दलों के बीच आगे बातचीत जारी रहेगी। पहले JMM की योजना करीब 30 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की थी, लेकिन गठबंधन की रणनीति के तहत अब सीटों की संख्या कम की गई है।
कांग्रेस के साथ बढ़ी नजदीकी
पिछले कुछ दिनों से दोनों दलों के बीच लगातार बातचीत चल रही थी। कांग्रेस नेताओं ने झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात भी की थी, जिसमें असम चुनाव को लेकर साझा रणनीति पर चर्चा हुई थी। आज यानी रविवार को सीएम हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना हो गये। बताया जा रहा है कि इस गठबंधन का मकसद भाजपा के खिलाफ विपक्षी वोटों को एकजुट करना है।
आदिवासी और चाय बागान वोट पर फोकस
JMM की नजर खास तौर पर असम के चाय बागान इलाकों और आदिवासी वोट बैंक पर है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनकी जड़ें झारखंड के छोटानागपुर क्षेत्र से जुड़ी हैं। इसी आधार पर JMM अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
विपक्षी गठबंधन को मिलेगा फायदा
असम में कांग्रेस पहले से ही कई दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में JMM के जुड़ने से विपक्षी गठबंधन और मजबूत हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन खास इलाकों में चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना सकता है।
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