Ranchi : झारखंड पुलिस ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने का काम शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य ट्रैफिक जाम कम करना, मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन पर कार्रवाई करना और आम लोगों को बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
डीजी-आईजी कांफ्रेंस के निर्देश पर प्रक्रिया शुरू
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस में निर्णय के बाद और केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर झारखंड में इस सिस्टम को लागू करने की तैयारी शुरू हुई है। डीआईजी कोल्हन अनुरंजन किस्पोट्टा को राज्य के सभी जिलों में ट्रैफिक सिस्टम का अध्ययन और विकास करने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। डीजीपी तदाशा मिश्र ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी जिलों से ट्रैफिक व्यवस्था की रिपोर्ट मंगवाई जाए ताकि सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था और AI से बदलाव
वर्तमान समय में झारखंड की ट्रैफिक पुलिस मैनुअल तरीके से ही रेड लाइट और हेलमेट का उल्लंघन करने वाले चालकों को ऑनलाइन चालान भेजती है। इसके अलावा, ट्रैफिक नियंत्रण का काम भी ज्यादातर मैनुअल ही किया जाता है, जिससे जाम और भीड़भाड़ के समय पुलिसकर्मियों को काफी परेशानी होती है। लेकिन AI आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटिक हो जाएगी। इसका मतलब है कि अब ट्रैफिक सिग्नल खुद ब खुद रेड और ग्रीन नियंत्रित करेंगे, और अगर किसी रूट पर जाम है जबकि दूसरे रूट पर जगह है, तो AI सिग्नल के समय को एडजस्ट करके ट्रैफिक को सुचारू बनाएगा। इस सिस्टम के लागू होने से पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को जाम और ट्रैफिक नियंत्रण में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक सुगमता और सड़क सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।
आम लोगों को होगा फायदा
इस सिस्टम के लागू होने से झारखंड के शहरों और मुख्य जंक्शनों में ट्रैफिक जाम कम होगा, चालकों को ऑनलाइन चालान सुविधा का फायदा मिलेगा और पुलिस को ट्रैफिक नियंत्रण में मानव संसाधन का दबाव कम होगा। AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट से न केवल ट्रैफिक सुगमता बढ़ेगी, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार की उम्मीद है।
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