Ranchi : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सीएचसी में डिलीवरी के दौरान मां और नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि अस्पताल में टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराया गया था, जिस पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस घटना पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक्स (X) पर सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले को “चिकित्सा व्यवस्था की बड़ी विफलता” बताया है।
प्रभारी चिकित्सक निलंबित, जांच के आदेश
मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक को निलंबित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को बिना देरी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। सिविल सर्जन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के बावजूद लापरवाही पर सवाल
मंत्री ने कहा कि अस्पताल में डीजी सेट और इनवर्टर जैसी व्यवस्था होने के बावजूद इस तरह की घटना होना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे मानवता को झकझोर देने वाली लापरवाही बताया। सरायकेला डीसी को पूरे मामले की विस्तृत जांच और सदर अस्पताल के नियमित औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी मजबूत की जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “जनता की सेवा के लिए नियुक्त किया गया है, लापरवाही के लिए नहीं। गरीबों की जान के साथ खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
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