Ranchi : बजट सत्र के तीसरे दिन झारखंड विधानसभा में सहियाओं के मानदेय को लेकर जोरदार बहस हुई। विधायक स्टीफन मरांडी ने सीधे सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मईयां सम्मान योजना में 2,500 रुपए मिलते हैं, जबकि स्वास्थ्य सहियाओं को सिर्फ 2,000 रुपए मिलते हैं। उनका कहना था कि यह सही नहीं है और सहियाओं को मईयां सम्मान योजना से ज्यादा मानदेय दिया जाना चाहिए। दरअसल, यह मुद्दा सबसे पहले निर्मल महतो ने उठाया। उन्होंने कहा कि सहिया अक्सर विधानसभा के बाहर धरने पर बैठी रहती हैं और कोरोना काल में इन लोगों ने काफी मेहनत की है। उनके मुताबिक, सहियाओं का मानदेय बढ़ाकर 10,000 रुपए किया जाना चाहिए।
सरकार ने की एकमुश्त राशि देने की घोषणा
इस पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जवाब देते हुए कहा कि झारखंड में कुल 39,964 सहिया हैं और सरकार उनके प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। मंत्री ने बताया कि कोरोना काल में सहियाओं ने असाधारण काम किया और इसी दौरान एक सहिया रेनी देवी की मौत भी हो गई थी। उन्होंने कहा कि फिलहाल एक सहिया की मासिक इनकम लगभग 12,000 रुपए है। वहीं, आठ मार्च को 42000 सहियाओं को एकमुश्त 24,000 रुपए दिए जाएंगे।
नियमित मानदेय की भी उठी मांग
सदन में अरूप चटर्जी ने भी आवाज उठाई और कहा कि केवल एकमुश्त राशि देने से काम नहीं चलेगा। सहियाओं को हर महीने नियमित मानदेय मिलना चाहिए, ताकि उनका काम और जीवन स्थिर रहे।
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