Ranchi : नेक्सजेन ऑटोमोबाइल कंपनी के मालिक और कारोबारी विनय कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद हजारीबाग जेल से रिहा कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 10 फरवरी को उन्हें जमानत प्रदान की थी, जिसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। विनय सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों और जांच एजेंसियों में कुल चार मामले दर्ज हैं। इन मामलों में शराब घोटाला, गैर मजरुआ जमीन की खरीद-बिक्री और आय से अधिक संपत्ति जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
शराब घोटाला मामले में पहले मिल चुकी है राहत
शराब घोटाला मामले में विनय सिंह को पहले ही रांची की एसीबी कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया था कि प्राथमिकी में उनका नाम सीधे तौर पर दर्ज नहीं है और न ही शराब टेंडर या सप्लाई प्रक्रिया में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका सामने आई है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि उन्हें केवल पूर्व आईएएस अधिकारी विनय चौबे का मित्र होने के कारण इस मामले में घसीटा गया है और यह कार्रवाई राजनीतिक प्रेरणा से की गई है। हालांकि इस मामले की जांच अभी जारी है।
हजारीबाग में जमीन मामले में हुई थी गिरफ्तारी
हजारीबाग में 28 डिसमिल ‘गैर मजरुआ खास’ जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। वे इसी केस में हजारीबाग जेल में बंद थे। एसीबी ने उन पर अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप लगाया है। जांच एजेंसी इस मामले में दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
पूर्व पार्टनर ने भी दर्ज कराया है मामला
विनय सिंह की कानूनी परेशानियां यहीं खत्म नहीं होतीं। नेक्सजेन कंपनी में उनके पूर्व पार्टनर दीपक कुमार ने रांची के जगन्नाथपुर थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह मामला करीब 25 साल पुराना बताया जा रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विनय सिंह ने उन पर अनैतिक दबाव बनाकर जबरन शेयर ट्रांसफर करवा लिए थे।
आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद विनय कुमार सिंह जेल से बाहर आ चुके हैं, लेकिन उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में इन मामलों की सुनवाई और जांच की दिशा पर सबकी नजर रहेगी।
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