Chaibasa : सारंडा के घने जंगलों में झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने ऐसा ऑपरेशन किया है, जिसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है। किरीबुरू थाना क्षेत्र में चल रहे विशेष अभियान “मेधाबुरू” के दौरान गुरुवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच कई चरणों में मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में 15 नक्सली मारे गए, जिनमें मोस्ट वांटेड माओवादी नेता अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है। यह वही अनल दा है, जिसका नाम वर्षों से कोल्हान और सारंडा में खौफ का पर्याय बना हुआ था। उस पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए को मिलाकर दो करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार 2022 के बाद से सुरक्षा बलों पर हुए कई बड़े हमलों और विस्फोटों में उसी के दस्ते की अहम भूमिका रही है।
सटीक सूचना, तेज फैसला
चाईबासा एसपी अमित रेणु को पुख्ता इनपुट मिला था कि अनल दा अपने टॉप कैडर के साथ सारंडा में मूव कर रहा है। सूचना मिलते ही देरी नहीं की गई। उन्होंने झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, 209 कोबरा और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम गठित कर खुद ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की। हर मूवमेंट तय रणनीति के तहत हुआ, ताकि नक्सलियों को भागने का मौका न मिले।
सुबह 6:30 बजे पहली मुठभेड़
गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे पहली मुठभेड़ हुई। इसके बाद जंगल के अलग अलग हिस्सों में लगातार फायरिंग चलती रही। नक्सलियों ने घबराहट में अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जबकि सुरक्षा बलों ने अमित रेणु की तय गाइडलाइन के अनुसार सीमित और सटीक जवाबी कार्रवाई की। इसका असर साफ दिखा।
शव, हथियार और नेटवर्क का खुलासा
तलाशी के दौरान 15 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मौके से भारी मात्रा में हथियार, गोला बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री भी मिली है। मारे गए नक्सलियों में अनल के अलावा अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालु, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पूर्णिमा, सुरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इनमें कई महिला कैडर भी थीं, जो संगठन में अहम जिम्मेदारियां संभाल रही थीं।
सारंडा में अब तक की सबसे बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क पर सीधा और गहरा प्रहार है। आईपीएस अमित रेणु के जिले की कमान संभालते ही यह अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है। लगातार दबाव के चलते नक्सलियों की गतिविधियां सीमित हुई हैं और उनका सांगठनिक ढांचा कमजोर पड़ा है।
अंतिम चेतावनी और साफ संदेश
झारखंड पुलिस ने शेष बचे उग्रवादियों से साफ शब्दों में कहा है कि हथियार छोड़ें और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ लें। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
Also Read : दुर्दांत अनल, अनमोल और चंदन समेत 15 नक्सलियों का खात्मा, मुठभेड़ जारी

