Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    9 May, 2026 ♦ 3:36 AM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»झारखंड»झारखंड के विश्वविद्यालयों को जल्द मिल सकता है स्थायी नेतृत्व, 15 जनवरी से शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया
    झारखंड

    झारखंड के विश्वविद्यालयों को जल्द मिल सकता है स्थायी नेतृत्व, 15 जनवरी से शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया

    Team JoharBy Team JoharJanuary 6, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    विश्वविद्यालयों
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों में लंबे समय से बनी प्रशासनिक अस्थिरता अब खत्म होने की उम्मीद दिखने लगी है। लोकभवन स्तर पर संकेत मिले हैं कि 15 जनवरी 2026 से कुलपति और प्रतिकुलपति की नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। अगर तय समय पर प्रक्रिया पूरी होती है, तो इसी महीने राज्य के कई विश्वविद्यालयों को स्थायी शैक्षणिक नेतृत्व मिल सकता है।

    फिलहाल राज्य के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में शीर्ष पद खाली पड़े हैं। रांची विश्वविद्यालय, डीएसपीएमयू, जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी और पंडित रघुनाथ मुर्मू विश्वविद्यालय में कुलपति का पद लंबे समय से रिक्त है। वहीं रांची, कोल्हान, नीलांबर-पीतांबर, विनोबा भावे, सिदो-कान्हू मुर्मू और विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालयों में प्रतिकुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी है। विश्वविद्यालयों के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। योग्य उम्मीदवारों की प्रारंभिक जांच भी हो चुकी है और अब चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में सर्च कमेटी उम्मीदवारों से संवाद करेगी, जिसके बाद नामों का पैनल तैयार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    नियमित नियुक्तियों के अभाव में विश्वविद्यालयों का कामकाज प्रभारी व्यवस्था के भरोसे चल रहा है। रांची विश्वविद्यालय और डीएसपीएमयू का प्रभार अभी झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति के पास है, जबकि जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति संभाल रहे हैं। इससे शैक्षणिक योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों पर असर पड़ रहा है।

    इधर, कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति के अधिकार को लेकर संवैधानिक स्थिति भी चर्चा में है। राज्य सरकार द्वारा लाया गया संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित होकर लोकभवन भेजा जा चुका है, जिसमें नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल की बजाय राज्य सरकार को देने का प्रस्ताव है। हालांकि, अन्य राज्यों में ऐसे प्रस्तावों पर राष्ट्रपति की आपत्ति के बाद झारखंड के विधेयक को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से मांगा गया स्पष्टीकरण राजभवन को सौंप दिया गया है।

    विश्वविद्यालयों में यह चर्चा भी है कि पूर्व कुलपति और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी एक बार फिर जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। अनुभव को देखते हुए ऐसे नामों को प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यकाल जुलाई 2026 में समाप्त हो रहा है, जिससे नेतृत्व परिवर्तन और भी अहम हो गया है।

    इस बीच विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने नियुक्तियों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। संघ के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने कहा कि स्थायी नेतृत्व के अभाव में शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। प्रशासनिक फैसले अटके हुए हैं और पढ़ाई का सत्र भी समय से पीछे चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो इसका असर सीधे छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा। अब सभी की निगाहें 15 जनवरी के बाद शुरू होने वाली प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि नियुक्तियां समय पर हो जाती हैं, तो झारखंड के विश्वविद्यालयों में शिक्षा और प्रशासन दोनों स्तरों पर स्थिरता लौटने की उम्मीद है।

    Also Read : रिम्स जमीन कब्जा मामला : हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद ACB की एंट्री

    15 जनवरी से शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया Universities in Jharkhand may soon get permanent leadership; the appointment process will begin from January 15. झारखंड के विश्वविद्यालयों को जल्द मिल सकता है स्थायी नेतृत्व
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleरिम्स जमीन कब्जा मामला : हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद ACB की एंट्री
    Next Article लालपुर में शराब के नशे में कार से युवक की ह’त्या, एक गिरफ्तार

    Related Posts

    गिरिडीह

    गिरिडीह के इसरी बाजार में बेकाबू ट्रक ने मचाया तांडव, 4 की मौ’त, दर्जनों घायल

    May 8, 2026
    खूंटी

    ड्रोन सर्वे से लेकर थाना निरीक्षण तक, खूंटी एसपी ने मुरहू में कसा शिकंजा

    May 8, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता : शिल्पी नेहा तिर्की

    May 8, 2026
    Latest Posts

    गिरिडीह के इसरी बाजार में बेकाबू ट्रक ने मचाया तांडव, 4 की मौ’त, दर्जनों घायल

    May 8, 2026

    ड्रोन सर्वे से लेकर थाना निरीक्षण तक, खूंटी एसपी ने मुरहू में कसा शिकंजा

    May 8, 2026

    झारखंड को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता : शिल्पी नेहा तिर्की

    May 8, 2026

    भक्ति में डूबा कमात गांव, भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महायज्ञ

    May 8, 2026

    लातेहार एसपी ने की हाई लेवल समीक्षा, थानेदारों को क्राइम कंट्रोल का दिया सख्त आदेश

    May 8, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.