Jamtara : जामताड़ा के न्यू टाउन स्थित होटल राज पैलेस में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित चार दिवसीय ‘एडवांस मेडिटेशन कोर्स’ का आज भव्य रूप से समापन हुआ। इस कोर्स में देशभर से 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कोर्स के दौरान प्रतिभागियों ने तीन दिनों तक पूर्ण मौन का अभ्यास किया और ध्यान की गहराइयों का अनुभव किया। मौन के बाद आयोजित अनुभव साझा सत्र में सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। मुंबई से आए राधाकृष्णन ने बताया कि महानगर की भागदौड़ से दूर उन्हें यहाँ असीम शांति का अनुभव हुआ।
प्रतिभागी रीता घोष और छवि घोष ने कहा कि साधना और मौन के माध्यम से उन्हें स्वयं को जानने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अनूठा अवसर मिला। अन्य प्रतिभागियों सरोज नारनौलीया, इंदु प्रभा, अंजू भगत, अंजू चौधरी, राम विनय सिंह, शशि नरनोलिया, राजेंद्र गोराई, शारदा प्रभा, श्रीकांत प्रसाद और उमा नारनौलिया ने भी अपने अनुभव साझा किए। सभी ने माना कि मौन से मन की चंचलता शांत हुई और नई ऊर्जा का संचार हुआ।
कोर्स की मुख्य संचालिका अर्चना चौरसिया ने कहा, “एडवांस मेडिटेशन कोर्स मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार अपनी आंतरिक ऊर्जा को रिचार्ज करने के लिए इसे अवश्य करना चाहिए।” उनके सरल और प्रभावशाली शिक्षण ने सभी प्रतिभागियों के हृदय को छू लिया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य आयोजक और कार्यकर्ता रीना द्विवेदी, अरुण चौधरी और विजय भगत का विशेष योगदान रहा। साथ ही वरिष्ठ शिक्षक नवीन चौरसिया का मार्गदर्शन और सानिध्य भी सराहनीय रहा। कार्यक्रम में मोहन नारनौलिया, किशोर नारोलिया, गोपाल सिंधी, मनोज साह, उषा किरण सिंह, रामारानी सरकार, झूमा गौण और डॉक्टर मंजुला मुर्मू ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।
समापन समारोह में जामताड़ा आर्ट ऑफ लिविंग परिवार ने सामूहिक भजन-सत्संग किया और गुरुदेव के आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर को सभी ने बेहद सुखद और प्रेरणादायक बताया।
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