Ranchi : रांची में सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और नेशनल हेराल्ड मामले में जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से मनरेगा को कमजोर किया है। पहले जहां 100 दिनों का रोजगार मिलता था, अब यह 50-55 दिनों तक सिमट गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उस कानूनी अधिकार को खत्म करने की कोशिश है, जिसे कांग्रेस ने लागू किया था।
कमलेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों में केंद्र और राज्य के खर्च का अनुपात 60:40 कर दिया गया है, जिससे राज्यों पर 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इससे राज्यों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। नेशनल हेराल्ड मामले पर उन्होंने कहा कि यह कोई आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि राजनीतिक साजिश है। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई ने 2014-15 में ही स्पष्ट कर दिया था कि कोई आपराधिक मामला नहीं बनता। इसके बावजूद 2021 में बदले की भावना से ईडी जांच शुरू की गई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि गांधी, अंबेडकर और नेहरू की विरासत पर ही भारत का लोकतंत्र और संविधान टिका है। भाजपा और आरएसएस इन नामों और विचारधाराओं से नफरत करते हैं, लेकिन इन्हें मिटाया नहीं जा सकता। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, राजेश कच्छप, राकेश सिन्हा और सोनाल शांति भी मौजूद थे।
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