Palamu : झारखंड में 15 दिसंबर से टाइगर एस्टीमेशन 2026 अभियान शुरू होगा। इस अभियान में बाघ के साथ-साथ अन्य जंगली जानवरों और जंगल की जानकारी भी जुटाई जाएगी। पहले चरण का अभियान 22 दिसंबर तक चलेगा, जबकि चौथा चरण अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा। इस बार यह अभियान राज्य के सभी वन क्षेत्रों में किया जाएगा।
पलामू टाइगर रिजर्व के मुख्य वन्य संरक्षक और क्षेत्र निदेशक एसआर नटेश को इस अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी ने बुधवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों को अभियान की जानकारी दी।
अभियान में होंगे 200 से अधिक वनरक्षक, गार्ड और वॉलंटियर
एसआर नटेश ने बताया कि झारखंड के सभी 36 वन डिवीजनों में यह अभियान चलेगा। इसके लिए राज्यभर में लगभग 1600 वनरक्षक लगाए जाएंगे। जहां वाइल्ड लाइफ ज्यादा है, वहां के टेकर भी शामिल होंगे। पलामू टाइगर रिजर्व में फिलहाल 300 टेकर और 110 गार्ड हैं।
इस बार वॉलंटियर भी शामिल किए जाएंगे। इसके लिए स्थानीय विश्वविद्यालयों के छात्रों का चयन किया जाएगा। वॉलंटियर निःशुल्क काम करेंगे और उन्हें सिर्फ प्रमाण पत्र मिलेगा। चयन से पहले छात्रों का स्किल टेस्ट और प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभियान में बाघ, हाथी, बायसन, सियार, तेंदुआ, जंगली कुत्ते, लकड़बग्घा और अन्य जंगली जानवरों की गिनती की जाएगी।
कैमरे और डिजिटल तकनीक से होगी सर्वेक्षण
ट्रायल सर्वे के आधार पर इस बार पूरे क्षेत्र में 1024 कैमरे लगाए जाएंगे। 512 ग्रिड कवर किए जाएंगे। कैमरे 28-28 दिन के अंतराल पर दूसरी जगह लगाया जाएगा। कुटकू रेंज में काम पूरा हो गया है।
सर्वेक्षण के दौरान 5 किलोमीटर के एरिया में रोजाना पगमार्क, मल और अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी। सभी काम डिजिटल तरीके से ऐप में अपलोड किए जाएंगे। वनकर्मियों को नवंबर से ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रिपोर्ट 29 जुलाई 2026 को जारी होगी
नोडल अधिकारी ने बताया कि एस्टीमेशन की पूरी रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को भेजी जाएगी। सरकार इसे 29 जुलाई 2026 को जारी करेगी। यह अभियान हर चार साल में आयोजित किया जाता है। पलामू टाइगर रिजर्व में इसका आयोजन 2006 से हो रहा है। पीटीआर 1149 वर्ग किलोमीटर में फैला है। मौके पर डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जेना और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।


