Johar live Desk : आज की डिजिटल और भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चे केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि कई तरह के दबावों का सामना कर रहे हैं। स्कूल का होमवर्क, परीक्षा का तनाव, खेल-कूद का प्रेशर और मोबाइल–टीवी का अधिक इस्तेमाल बच्चों की एकाग्रता, स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन पर असर डाल रहा है। ऐसी स्थिति में ध्यान (Meditation) बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास के लिए बेहद लाभकारी उपाय साबित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना सिर्फ 5–10 मिनट ध्यान करने से बच्चों के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखे जा सकते हैं।
मेडिटेशन के लाभ :
- स्ट्रेस और एंग्जायटी में कमी : परीक्षा, प्रोजेक्ट और प्रतियोगिता के दबाव से उत्पन्न तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
- भावनाओं पर नियंत्रण : ध्यान से बच्चे अपने गुस्से, चिड़चिड़ापन और अन्य भावनाओं को नियंत्रित करना सीखते हैं।
- शारीरिक स्वास्थ्य : गहरी सांस लेने से शरीर में ऑक्सीजन बढ़ती है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है।
- अनुशासन और अच्छे संस्कार : नियमित ध्यान से धैर्य, अनुशासन और आत्मनियंत्रण जैसे गुण विकसित होते हैं।
- बेहतर फोकस : ध्यान बच्चों के दिमाग को शांत करता है और पढ़ाई या खेल में उनकी एकाग्रता बढ़ाता है।
- क्रिएटिविटी में वृद्धि : शांत मन बच्चों की कल्पनाशक्ति को बढ़ाता है, जिससे वे कला, संगीत और खेल में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
- नींद की गुणवत्ता में सुधार : मानसिक तनाव कम होने से बच्चे जल्दी सोते हैं और गहरी नींद लेते हैं।
- पॉजिटिव सोच : मन में सकारात्मक ऊर्जा आती है, जिससे बच्चे कठिन परिस्थितियों का सामना आसानी से कर पाते हैं।
- सीखने की क्षमता में बढ़ोतरी : ध्यान मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाता है, जिससे याददाश्त और पढ़ाई में सुधार होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की दिनचर्या में रोजाना 5–10 मिनट का ध्यान शामिल करना उनके मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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