Patna : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए प्रचार अभियान में तेजी से जुटी हुई है। CM नीतीश कुमार शुक्रवार को समस्तीपुर में जनसभा करेंगे। इसके अलावा, चिराग पासवान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेता विभिन्न क्षेत्रों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। एनडीए इस चुनाव में विकास, सुशासन और जनकल्याण योजनाओं को मुख्य मुद्दा बना रही है।
हालांकि प्रचार में चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। बेगूसराय की बखरी विधानसभा में डिप्टी CM सम्राट चौधरी की जनसभा में भीड़ कम होने की खबर आई। पार्टी ने इसे तकनीकी कारणों से स्थगित बताया। सूत्रों का कहना है कि इसमें LJPR प्रत्याशी संजय पासवान के बाहरी रहने और स्थानीय कार्यकर्ताओं के कमजोर समर्थन का भी असर था।
उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने भी बिहार में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में रैलियों को संबोधित किया। उन्होंने विपक्षी जोड़ी तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि जनता अब उनके झूठे वादों में नहीं आएगी। धामी ने छठ पर्व और बिहार की संस्कृति का भी समर्थन किया और कहा कि इसे हर नागरिक का सम्मान करना चाहिए।
मंत्री संतोष मांझी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल चुनावी नारे देकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं और राज्य में सरकारी वैकेंसी की सही जानकारी नहीं रखते।
CM नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 2005 से पहले बिहार में विकास कार्य ठप थे। पुराने भवनों का रखरखाव नहीं हो रहा था और नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी नहीं हो पा रहा था।
एनडीए की चुनावी रणनीति विकास, सुशासन, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं पर केंद्रित है। पार्टी का दावा है कि पिछले कार्यकाल में सड़क, पुल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वहीं विपक्ष महागठबंधन बेरोजगारी, महंगाई और सरकारी योजनाओं के मुद्दों को उठाकर एनडीए पर हमला कर रहा है।
एनडीए का यह भी कहना है कि इस बार बिहार चुनाव केवल जातिगत समीकरण पर आधारित नहीं है, बल्कि विकास, सुशासन, महिला और युवा मतदाता, रोजगार और आधारभूत संरचना जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। जनता की पसंद तय करेगी कि बिहार के विकास और सुशासन की दिशा में कौन सरकार बनाएगा।
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