Johar Live Desk: सुबह टोक्यो में पीएम मोदी ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ रहा है। उनके इस बयान के कुछ ही घंटे बाद पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में GDP ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई, जो साबित करती है कि भारत सिर्फ बातें नहीं करता, बल्कि अपने आंकड़ों से भी ताकत दिखाता है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ कहकर टैरिफ बम फेंका था, लेकिन अर्थव्यवस्था के आंकड़ों ने इसका जवाब दे दिया। इस साल की पहली तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रही, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
पीएम मोदी ने इंडिया-जापान इकोनॉमिक फोरम में कहा कि दुनिया भारत पर सिर्फ नजर ही नहीं रख रही है, बल्कि देश पर भरोसा भी कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। पिछले 11 वर्षों में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता बढ़ी है और नीतियों में पारदर्शिता आई है।
नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY26) में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रही। यह पिछले पांच तिमाहियों में सबसे तेज़ आर्थिक वृद्धि है, जिसमें कृषि, निर्माण, मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की मजबूती का अहम योगदान रहा है।
मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को 2047 तक विकसित देश बनाना है। भारत पहले ही जापान को पीछे छोड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत 2028 तक तीसरे पायदान पर पहुँच सकता है, जबकि कुछ मानते हैं कि यह मुकाम उससे पहले भी हासिल कर सकता है।
अर्न्स्ट एंड यंग की रिपोर्ट बताती है कि भारत दुनिया की 5 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे गतिशील अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो भारत 2038 तक दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है और इसका आकार 34.2 खरब डॉलर तक पहुँच सकता है। परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के मामले में भारत 2040 से पहले अमेरिका से भी आगे निकल सकता है।
पीएम मोदी की अगुवाई में भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले 11 वर्षों में बड़ा बदलाव देखा। 2013 में भारत को Fragile-5 इकोनॉमी की श्रेणी में रखा गया था। उस समय भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी। आज भारत चौथे नंबर पर पहुँच चुका है और एक दशक में कई देशों को पीछे छोड़ चुका है।
विश्व बैंक ने कहा था कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लिए अगले 22 वर्षों तक औसतन 7.8% की आर्थिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। इसी लक्ष्य की दिशा में भारत की शुरुआत बेहद मजबूत रही है। 30 जून को खत्म हुई तिमाही में चीन की GDP ग्रोथ 5.3% और अमेरिका की केवल 3.3% रही। ये आंकड़े साफ़ दर्शाते हैं कि भारत अब ‘डेड इकोनॉमी’ नहीं है।