Jamshedpur : जमशेदपुर जिले में तैनात एक थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव पर हेंसडा गांव निवासी बुजुर्ग श्यामा प्रसाद बेरा के साथ मारपीट करने और उन्हें छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर पीड़ित के पुत्र कर्ण बेरा ने जमशेदपुर के एसएसपी को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। कर्ण बेरा ने अपने आवेदन में कहा है कि शनिवार रात कोवाली थाना पुलिस उनके पिता श्यामा प्रसाद बेरा को महज संदेह के आधार पर घर से उठाकर थाने ले गई। परिवार का आरोप है कि थाने में उनके पिता के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। कथित मारपीट के कारण उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया भर्ती
परिजनों के अनुसार, जब बुजुर्ग की हालत गंभीर हो गई तो पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। रविवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर कर्ण बेरा अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने अपने पिता की हालत चिंताजनक पाई। परिवार का दावा है कि श्यामा प्रसाद बेरा को चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही थी और उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार खराब बनी हुई थी। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि इलाज के दौरान बुजुर्ग का शुगर लेवल 400 से अधिक दर्ज किया गया था। इसके बावजूद कोवाली पुलिस उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर वापस थाने ले गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने इसका विरोध किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि श्यामा प्रसाद बेरा के खिलाफ पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिला और न ही उनके पास से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। इसके बावजूद उन्हें प्रताड़ित किया गया। कर्ण बेरा ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को छोड़ने के बदले पुलिस की ओर से एक लाख रुपये घूस की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्ण बेरा ने शिकायत की प्रतिलिपि पोटका विधायक संजीव सरदार, एसएसपी जमशेदपुर समेत अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों को भी भेजी है। परिवार ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए।
थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद बेरा के साथ थाने में किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है और न ही किसी प्रकार की रिश्वत मांगी गई है। थाना प्रभारी का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं। फिलहाल मामला एसएसपी के पास पहुंच गया है और अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं पुलिस पक्ष आरोपों को पूरी तरह गलत बता रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।
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