झारखंड के खेल निदेशक छवि रंजन की पत्नी शीतल झा को झारखंड लॉन बॉल संघ का नया अध्यक्ष बना दिया गया है. प्रशासनिक और खेल गलियारों में इस गुपचुप बदलाव को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं. सोशल मीडिया पर भी बयानबाजी चल रही है.
सबसे बड़ा सवाल पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठ रहा है कि आखिर बिना किसी सार्वजनिक सूचना, प्रेस विज्ञप्ति या तय बैठक के खामोशी से खेल निदेशक की पत्नी को संघ की कमान क्यों सौंपी गई. JOA यानी झारखंड ओलंपिक संघ की वेबसाइट पर नाम अपडेट होते ही खेल जगत से जुड़े लोगों चर्चा का विषय है.
इस फैसले में खेल के विकास से ज्यादा सीधे तौर पर प्रशासनिक रसूख का इस्तेमाल दिखाई देता है. संघ के कद्दावर और पूर्व अध्यक्ष आरके आनंद को पद से हटाकर उनकी जगह सीधे शीतल झा की एंट्री कराई गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस नई कमेटी में कोषाध्यक्ष का पद फिलहाल खाली रखा गया है. इस फैसले पर खेल के जानकार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किस एजीएम या एसजीएम बैठक में इस पर मुहर लगी. इस पूरे बदलाव को पूरी तरह गोपनीय रखा गया, जिससे खेल संघ की मंशा और फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
बीते शनिवार यानी 4 जुलाई को नवनियुक्त अध्यक्ष शीतल झा झारखंड सरकार की सरकारी गाड़ी में सवार होकर नामकुम स्थित आरके आनंद लॉन बॉल स्टेडियम पहुंचीं. खेल निदेशक की पत्नी सरकारी लाव-लश्कर के साथ सीधे मैदान पर उतरकर खिलाड़ियों से खेल के नियम और बारीकियां समझती दिखीं. इस दौरे पर JOA महासचिव सह झारखंड लॉन बॉल संघ के महासचिव मधुकांत पाठक व JOA कोषाध्यक्ष शिवेन्दु दुबे भी उनके साथ मौजूद रहे.
आईएएस, आईपीएस और राजनेता होते रहे हैं शामिल
शीतल झा कोई पहला और एकमात्र नाम नहीं है. झारखंड के खेल जगत के विभिन्न एसोसिएशन में राज्य के कई ब्यूरोक्रैट, रिटायर्ड ब्यूरोक्रैट और राजनेता जड़े जमाए हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल की पत्नी आकांक्षा रंजन वर्तमान में झारखंड टेनिस संघ की वाइस प्रेसिडेंट हैं. इसके अलावा जीशान कमर झारखंड कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं.
राजनेताओं के लिहाज से देखें तो पूर्व सांसद और कांग्रेसी नेता प्रदीप बालमुचु झारखंड हैंडबॉल एसोसिएसन के अध्यक्ष, पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर झारखंड फुटबॉल संघ के अध्यक्ष, पूर्व सांसद धीरज साहू लोहरदगा क्रिकेट संघ के अध्यक्ष, सुदेश महतो थ्रोबॉल एसोसिएशन (समानांतर स्तर पर हालिया गठित) के अध्यक्ष,
मामला यहीं नहीं रुकता है. कई अधिकारी जो रिटायर कर चुके हैं, वर्तमान में विभिन्न खेल संगठनों में जमे हुए हैं. इसमें आईएएस सुनील कुमार क्रिकेट जिला संघ अध्यक्ष, दीपक वर्मा झारखंड बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष, आईपीएस आरके मल्लिक रांची जिला बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष हैं.
इससे पहले भी कई आईएस, आईपीएस, उनके परिजन और सांसद – विधायक इन खेल संगठनों में बतौर पदाधिकारी मौजूद रहे हैं. हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए बैजनाथ राम लातेहार जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष हुआ करते थे. सुदेश महतो हॉकी झारखंड के अध्यक्ष हुआ करते थे.
इसके अलावा वर्तमान में झारखंड के मुख्य चुनाव आयुक्त के रवि कुमार झारखंड कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे. स्टील मंत्रालय से रिटायर हुए आईएएस उदय प्रताप सिंह कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे. रामेश्वर उरांव झारखंड हॉकी संघ के अध्यक्ष थे. एक्स डीजीपी टीपी सिन्हा भी हॉकी संघ के अध्यक्ष रहे. दिवंगत अमिताभ चौधरी तो लगातार जेएससीए के अध्यक्ष सहित कई पदों पर रहे.
झारखंड तीरंदाजी संघ और रांची जिला तीरंदाजी संघ में सुदेश महतो की पत्नी पदाधिकारी हैं वहीं झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन पर पूर्व आईपीएस दिवंगत अमिताभ चौधरी और उनके करीबियों का वर्चस्व बना रहा. इसे लेकर स्थानीय क्रिकेट क्लबों ने लगातार भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगाए. हाल ही में झारखंड वुशु एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा को बैठाया गया, ताकि सरकारी ग्रांट और खेल परिसरों पर राजनीतिक नियंत्रण बना रहे. प्रदीप वर्मा राज्य शतरंज संघ के भी अध्यक्ष हैं.
Also Read : जुलाई 11 साल 2006, आज भी हरे हैं मुंबई ब्लास्ट के जख्म, आखिर आरोपी कैसे बरी होते गए

